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सरकार-प्रशासन का दोहरा चरित्रः जनता के पैसे से बना मंदिर तोड़ा, पास में भाजपा पार्षद का अवैध कार्यालय सहेजा

Tue, 04 Apr 2023 05:58 PM IST
अर्जुन रिछारिया न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अर्जुन रिछारिया Updated Tue, 04 Apr 2023 05:58 PM IST
सार

बेलेश्वर महादेव मंदिर में हुए बावड़ी हादसे के बाद शहरभर में अवैध निर्माण तोड़ रहा प्रशासन, हादसे की जगह पर ही नेताओं का अवैध निर्माण बचा लिया
 

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हादसे के बाद गेट पर ही लगे विधायक आकाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव के होर्डिंग भी हटा लिए - फोटो : न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
बेलेश्वर महादेव मंदिर हादसे के बाद भी नेताओं और प्रशासन का रवैया ठीक वैसा ही है जैसा हादसे के पहले हुआ करता था। मतलब जनता का दमन और अपनों का संरक्षण। जूनी इंदौर के पटेल नगर बेलेश्वर महादेव मंदिर में 30 मार्च रामनवमी के दिन बावड़ी धंसने से 36 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। सोमवार को हुई कार्रवाई में प्रशासन ने शहर में जगह-जगह कुएं और बावड़ी तोड़े। यहां तक कि इनके आसपास बने अवैध निर्माणों को भी तोड़ा गया लेकिन हादसे वाली बावड़ी से सटकर बने क्षेत्रीय भाजपा पार्षद मृदुल अग्रवाल के अवैध निर्माण का तोड़ने में ही प्रशासन के बड़े अधिकारी डर गए। 


बिल्डरों के अवैध निर्माण तोड़ने वाले अधिकारी यहां पर डर गए
पिछले कुछ सालों में शहर में कई नई इमारतों को अवैध पाए जाने पर तोड़ दिया गया। बिल्डरों ने इन इमारतों को प्रशासन को हैंडओवर करने और सरकारी दफ्तर के रूप में उपयोग करने की भी पेशकश की। इसके बावजूद इन्हें यह तर्क देकर तोड़ा गया कि अगली बार से कोई भी बिल्डर अवैध निर्माण करने की हिमाकत नहीं करेगा। वहीं इतने बड़े हादसे के बाद भी इस मामले में प्रशासन को सांप सूंघ गया और भाजपा पार्षद का अवैध निर्माण नजर नहीं आया। 
 
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पार्षद कार्यालय रातों रात चौकीदार रूम में बदला - फोटो : न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
विधायक आकाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव के समर्थक हैं मृदुल
हादसे के बाद यहां पर लगे विधायक आकाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव के होर्डिंग भी हटा लिए गए हैं। होर्डिंग पर साफ साफ लिखा था कि यह भाजपा पार्षद मृदुल अग्रवाल का कार्यालय है। रहवासियों ने बताया कि विधायक आकाश विजयवर्गीय भी यहां पर अक्सर आते रहते थे। पार्षद को विधायक और महापौर का संरक्षण प्राप्त है। 

पार्षद कार्यालय रातों रात चौकीदार रूम में बदला
मंदिर का अवैध निर्माण गिराने के समय रात में ही कार्यालय को चौकीदार रूम में बदल दिया और उस पर पेंट से चौकीदार रूम और स्टोर रूम लिखवा दिया गया। इस मामले में बात करन के लिए पार्षद मृदुल अग्रवाल, रिमूव्हल अधिकारी बबलू कल्याणे को कई बार फोन लगाया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। 

जनता के पैसे से बना था मंदिर
मंदिर बनाने के लिए जनता ने चंदा इकट्ठा किया था और घर-घर से सहयोग जुटाया गया था। प्रशासन ने जनता की सहयोग राशि से बना मंदिर गिराने में जरा देर नहीं की जबकि भाजपा पार्षद का अवैध कार्यालय सहेज कर रख लिया। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि इससे नेताओं और प्रशासन को दोहरा चरित्र साफ नजर आता है। 
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