{"_id":"62971561e32ab058df05f9f5","slug":"indore-pride-day-in-the-night-decorated-with-words-the-sweetness-of-the-voices-spread-the-pride-of-indore-was-expressed-by-shreya-s-voice-and-manoj-s-words","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Indore Pride day: शब्दों से सजी रात में हवाओं ने बिखेरी सुरों की मिठास, श्रेया के सुर और मनोज के शब्दों से बयां हुआ इंदौर का गौरव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Indore Pride day: शब्दों से सजी रात में हवाओं ने बिखेरी सुरों की मिठास, श्रेया के सुर और मनोज के शब्दों से बयां हुआ इंदौर का गौरव
Wed, 01 Jun 2022 12:59 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Wed, 01 Jun 2022 12:59 PM IST
सार
नेहरू स्टेडियम में 31 मई की रात इंदौर के गौरव की रात रही। मनोज मुंतशिर के शब्दों ने लोकमाता अहिल्या का यशोगान और मां की महिमा का बखान हुआ तो मखमली आवाज की धनी श्रेया घोषाल के सुरों की मिठास बिखरी।
विज्ञापन
प्रस्तुति देतीं श्रेया घोषाल
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
31 मई की रात इंदौर के गौरव की रात रही। दिनभर सूरज की तीखी चुभन के बीच ठंडी हवा के झोंकों को लेकर यह रात आई। सुरों में लिपटी हुई। गीतों से सजी हुई। शौर्य से भरी हुई और उत्साह से लदी हुई। बातें हुई स्त्री के स्वाभिमान की। स्त्री के सम्मान की। इंदौरी अदब की और अदब को पहचानने वाले शहर की। लोकमाता अहिल्या का यशोगान हुआ और मां की ममता-महिमा का बखान हुआ। अगर लेटलतीफी न होती तो गौरव दिवस का आयोजन और गौरवमयी हो जाता। देरी ने निराश किया और जो जादू पूरी रात तक छाने वाला था वह आधी रात के बाद ही फीका पड़ गया।
प्रस्तुति देते मनोज मुंतशिर
- फोटो : सोशल मीडिया
दरअसल, 31 मई की रात को इंदौर गौरव दिवस का आयोजन हुआ। नेहरू स्टेडियम में रात को मुख्य समारोह हुआ जहां प्रतिभाओं का सम्मान हुआ, रंगारंग आतिशबाजी की गई और लेजर शो हुआ। सीएम शिवराज सिंह चौहान बतौर अतिथि विशेष रूप से कार्यक्रम में पहुंचे। भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय समेत अन्य भाजपा नेता भी आयोजन में उपस्थित रहे। प्रशासन ने इसके लिए कई दिनों से तैयारी की थी। हालांकि जो कार्यक्रम शाम 7 बजे शुरू हो जाना था उसे शुरू होते होते लगभग 9 बजे गए जिस कारण श्रेया घोषाल की मखमली आवाज और मनोज मुंतशिर के जादुई शब्दों को सुनने पहुंचे इंदौरी थोड़ा निराश हुए।
मनोज मुंतशिर का अभिनंदन करते सीएम शिवराज
- फोटो : सोशल मीडिया
सीएम के भाषण, प्रतिभाओं के सम्मान और तमाम औपचारिकताओं के बाद गीतकार मनोज मुंतशिर मंच पर आए।'अदब के नाम पर महफिल में चर्बी बेचने वालों, वे लोग जिंदा हैं जो घी पहचान लेते हैं' शेर सुनाकर आमद दी और कहा कि यह इंदौर शहर भी ऐसा ही है जिसे शुद्धता की परख है और इसलिए यह शुद्ध संगीत और साहित्य को परख ही लेता है। अहिल्याबाई होलकर का उदय भले ही इस शहर में हुआ हो पर उनका प्रकाश पूरे भारतवर्ष में फैल रहा है। उत्तर में कैलाश- काशी, दक्षिण में श्रीशैलम, पश्चिम में पुरी और पूर्व में सोमनाथ तक उनकी आस्था, विश्वास, सेवाभाव का परचम लहरा रहा है। मैं उस देश का हूं जहां तीन लोक का स्वामी भी माखन चुराता है और स्त्री के स्वाभिमान को जानता है। लोकमाता अहिल्या का यशोगान करते हुए मनोज ने कहा कि 18वीं सदी में जब विदेशों में महिलाओं को वोट देने का अधिकार नहीं था इस वक्त हमारे देश में अहिल्याबाई का शासन था। अहिल्याबाई ने तो देश को गौरवशाली इतिहास दिया हम कम से कम मां को कुछ वक्त तो दे दे। मां के प्यार को उन्होंने कुछ इस तरह बयां किया कि 'एक मां का प्यार है जो दूसरों से नौ माह ज्यादा मिलता है'। थोड़ा वक्त अपने बाकी कामों से निकालें और मां- के साथ वक्त बिताएं।
मनोज ने कहा कि लंबे समय तक इंदौर का राजकाज संभालने वाली मां अहिल्या देवी होलकर कैसी विलक्षण स्त्री थीं। अपनी काव्यात्मक शैली में उन्होंने अहिल्यादेवी की न्यायप्रियता, नियमों की सख्ती और प्रजा के लिए वात्सल्य जैसे गुणों का सुंदर बखान किया। उन्होंने कहा कि छोड़िए अपनी व्यस्तताएं और आज अभी मां को फोन लगाकर कहिए आप उससे कितना प्रेम करते हैं। बात कीजिए उनसे। निहारिए मां को कुछ देर। आपके पास बहुत वक्त होगा पर उसके पास नहीं है। वे बोले - बहुत मसरूफ हो तुम समझता हूं, घर-दफ्तर-कारोबार और थोड़ी फुर्सत मिली तो दोस्त यार, जिन्दगी पहियों पर भागती है, ठहर के ये सोचने का वक्त कहां है कि माँ आज भी तुम्हारे इंतजार में जागती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
श्रेया घोषाल का अभिनंदन करते सीएम शिवराज
- फोटो : सोशल मीडिया
मनोज के शब्दों की बुनावट के बाद फिजा में घुली श्रेया के सुरों की मिठास। शहद सी आवाज और खनकते गीतों को लेकर श्रेया मंच पर आई और इंदौरियों का अभिवादन किया। श्रेया ने कहा कि यहां आना मेरे लिए इसलिए भी खास है क्योंकि यह शहर मेरी गुरु लता मंगेशकर की जन्मस्थली भी है। फिल्म बाजीराव मस्तानी के गीत मशहूर मेरे इश्क की कहानी हो गई, मैं दीवानी मैं दीवानी मैं दीवानी हो गई...गीत से सुरीले सफर की शुरुआत की और बाद में बहारा, गंगूबाई, शुक्रान अल्लाह जैसे गीत सुनाए। हालांकि कुछ गीत जो श्रेया की पहचान है उन्हें सुनने की ख्वाहिश लिए श्रोता समारोह में पहुंचे थे लेकिन वे गीत नहीं सुन सके। जब लगा कि श्रोता जा रहे हैं तो श्रेया ने गीतों का रूख बदला और दूसरे गीतों को सुनाना शुरू किया। मनवा लागे, तेरी और तेरी और सुनाकर दोबारा श्रोताओं को रूकने पर मजबूर किया। युगल गीतों में किंजल ने श्रेया का साथ दिया। साथ आए कलाकारों ने भी माहौल को बनाए रखा। हालांकि रात करीब 12 बजे तक समारोह की भीड़ कम हो चुकी थी और कार्यक्रम भी आखिरी पड़ाव में पहुंच चुका था। इधर शुरुआत में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने श्रेया घोषाल का अभिनंदन किया। उनके साथ गीत भी गाया। भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय भी माइक पर गीत गाते नजर आए।
विज्ञापन
कार्यक्रम में उपस्थित सीएम व अन्य भाजपा नेता
- फोटो : सोशल मीडिया
इंदौर गौरव दिवस के मुख्य समारोह में देर रात तक सीएम शिवराज सिंह चौहान सहित अन्य भाजपा नेता मौजूद रहे। इंदौर के नागरिक भी आधी रात तक डटे रहे।
