सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर अपनी ही पार्टी के विरोध में बोलने वाले भाजपा प्रवक्ता उमेश शर्मा का कांग्रेसी स्वागत कर रहे हैं। उनके पक्ष में नारे लगा रहे हैं और उनके गले में कांग्रेस का गमछा डालकर उनका स्वागत कर रहे हैं। अब बात चाहे सियासी व्यंग्य की हो या फिर कोई और मामला, फिलहाल ये मामला भाजपा को आसानी से स्वीकार नहीं होगा, चाहे मजाक में ही ये सब किया गया हो।
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कांग्रेस ने किया स्वागत तो शर्मा ने हाथ जोड़कर किया अभिवादन
- फोटो : सोशल मीडिया
दरअसल 20 मार्च को कांग्रेस संविधान दिवस मना रही है। इसी दिन मप्र की कमलनाथ सरकार गिरी थी और उसी के शोक में कांग्रेसी इस दिन को संविधान दिवस के रूप में मना रहे हैं। प्रदेशभर में इस तरह के आयोजन कर रहे हैं और तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है। इंदौर में भी कांग्रेस ने आयोजन किया। तिरंगा यात्रा निकाली। इस यात्रा के दौरान भाजपा प्रवक्ता उमेश शर्मा का कांग्रेसियों से सामना हुआ तो कांग्रेसियों ने उनको गले लगा लिया। इतना ही नहीं यह भी कहा कि आप सत्यता पर हो इसलिए कांग्रेस पार्टी आपका सम्मान करती है। इसके बाद उमेश शर्मा जिंदाबाद के नारे लगाए और शर्मा के गले में कांग्रेसी दुपट्टा (गमछा) डालकर उनको गले लगाया। यह भी कहा कि इंदौर का नेता कैसा हो, उमेश शर्मा जैसा हो। इसकी जानकारी सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर खुद उमेश शर्मा ने दी। शर्मा ने लिखा कि गोकुलदास हॉस्पिटल में एक मित्र का स्वास्थ्य पूछने जा रहा था। हॉस्पिटल गेट पर कांग्रेस की रैली से सामना हो गया। इंदौर में लोकतंत्र बचाओ रैली में शामिल कांग्रेसियों ने रैली रोककर मेरे पक्ष में नारे लगाए। अपने नेताओं को इंदौर का नेता मानने के बजाय मुझे प्राथमिकता दी, धन्यवाद। मुझे प्रसन्नता है कि आज उनकी सरकार गिरने के मातम भरे क्षणों में मेरी उपस्थिति से उनकी वेदना कम हुई। उनके चेहरे पर मुस्कान और आवाज में उत्साह लौटा। सभी मित्रों की सद्भावना का विनयभाव से आभार। अब यह सब चाहे मजाक में हुआ या किसी और मंशा से लेकिन चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं। इसकी वजह यह है कि कुछ दिन पहले ही उमेश शर्मा को पार्टी अनुशासनहीनता का नोटिस थमा चुकी है। नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे से शर्मा के राजनीतिक ताल्लुकात भी किसी से छिपे नहीं है। ऐसे में कांग्रेस नेताओं ने जिस तरह से उमेश शर्मा का सत्कार किया उसने सियासी गलियारों में नई बहस को जन्म दे दिया है।
कांग्रेस की मतिभ्रष्ट हो गई है
इस मौके पर मीडिया से चर्चा में भाजपा प्रवक्ता उमेश शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के मित्र कबीले में एक-दूसरे से आजादी के नारे बुलंद कर रहे हैं। कमलनाथ समर्थक दिग्विजय सिंह से आजादी चाहते हैं और दिग्विजय सिंह समर्थक कमलनाथ से आजादी चाहते हैं। मेरा ये कहना है कि कांग्रेस में किसी को इतना दिग्गी नहीं बनना चाहिए कि सामने वाला सिंधिया बनने पर मजबूर हो जाए और सत्ता की कमल कमरिया तोड़ दे। कांग्रेस की मतिभ्रष्ट हो गई है। ये कश्मीर फाइल्स का विरोध करते हैं। ये लोकतंत्र बचाओ यात्रा में हम क्या चाहते हैं आजादी जैसे नारे लगा रहे हैं। इनके अंदर ऊपर से नीचे तक कन्हैया कुमार घुस गया है। खुद के स्वागत पर शर्मा बोले कि योग से मिलना हो गया तो मैने नमस्कार किया। उन्होने कहा कि इंदौर का नेता कैसा हो उमेश शर्मा जैसा हो, ये नहीं कहा कि संजय शुक्ला जैसा हो या जीतू पटवारी जैसा हो।