नगर निगम चुनाव की हलचल तेज हो गई है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों में बैठकों का दौर चल रहा है। पार्षदों के लिए तो सैकड़ों आवेदन आ रहे हैं लेकिन सबकी नजरें महापौर उम्मीदवार पर है। अभी तक दोनों ही दलों ने घोषणा नहीं की है लेकिन कांग्रेस में श्वेता प्रवेश अग्रवाल का नाम तय माना जा रहा है तो भाजपा में पूजा रवि जैन की संभावना प्रबल है। हालांकि मुहर किसी नाम पर नहीं लगी है मगर मौजूदा हालात इसी तरफ इशारा कर रहे हैं।
भाजपा के दावेदारों की बात करें तो अधिकांश दावेदार पैलेस से जुड़े हैं और विधायक गायत्रीराजे पवार समर्थक हैं। संभावना भी यही है कि इनमें से ही किसी एक के टिकट पर मुहर लगेगी। इन दावेदारों में सबसे पहला नाम विधायक प्रतिनिधि रवि जैन की पत्नी पूजा जैन का है। यह नाम इसलिए पहले पायदान पर है क्योंकि इस नाम के पीछे कोई विवाद नहीं है। छवि साफ है और भरोसा पूरा है। दिवंगत तुकोजीराव पवार से लेकर गायत्रीराजे पवार और विक्रमसिंह पवार तक यह नाम पैलेस का ही रहा और चाहे कुछ मिला हो या न मिला हो मगर पैलेस के प्रति निष्ठा कम नहीं हुई। इतना ही नहीं, ऐसा कोई काम भी जैन ने नहीं किया जिससे भाजपा को नुकसान पहुंचे। इसके अलावा पूर्व महापौर सुभाष शर्मा की पुत्रवधु रीता विमल शर्मा का नाम है। तीसरा नाम पैलेस के ही दुर्गेश अग्रवाल की पत्नी गीता अग्रवाल का है। जिलाध्यक्ष राजीव खंडेलवाल की पत्नी पूर्णिमा खंडेलवाल का नाम भी चर्चा में है तो जिला महामंत्री राजेश यादव की पत्नी रंजीता का नाम भी चल रहा है। अब तक करीब 20 लोग दावेदारी कर चुके हैं लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा पूजा रवि जैन के नाम की है।
2 of 2
श्वेता प्रवेश अग्रवाल द्वारा आयोजित भजन संध्या में शामिल हुए थे पूर्व मंत्री
- फोटो : सोशल मीडिया
शहर कांग्रेस अध्यक्ष भी हैं दावेदार
कांग्रेस की बात करें तो यहां भी स्थिति उलझी है। कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ के मार्फत राजनीति में इंट्री करने वाले प्रवेश अग्रवाल की पत्नी श्वेता अग्रवाल के नाम पर लगभग मुहर लग चुकी है। घोषणा का इंतजार है लेकिन देवास के कांग्रेस अध्यक्ष मनोज राजानी इसे गलत बता रहे हैं। उनका कहना है कि अभी तक घोषणा नहीं हुई है। इसके पीछे यह भी वजह है कि राजानी खुद दावेदार हैं और वे देख रहे हैं कि भाजपा किसे उम्मीदवार बनाती है। कमजोर उम्मीदवार होने पर वे खुद मैदान में उतर सकते हैं। इसके अलावा पूर्व महापौर रेखा वर्मा, प्रदीप चौधरी की पत्नी सहित करीब 27 लोगों की दावेदारी की बात सामने आई है लेकिन घोषणा नहीं हुई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि 9 जून को भोपाल में होने वाली बैठक के बाद काफी हद तक स्थिति साफ हो जाएगी।
भाजपा में पवार तो कांग्रेस में वर्मा का रोल अहम
देवास में भाजपा के टिकट में विधायक गायत्रीराजे पवार की अहम भूमिका रहेगी। यही वजह है कि भाजपा जिला कार्यालय पर आवेदन देने के साथ ही दावेदार विधायक के पैलेस पहुंचकर भी आवेदन दे रहे हैं। विधायक की पसंद को ही तरजीह दी जाएगी। इसीलिए रवि जैन का नाम पहले पायदान पर है क्योंकि वे विधायक के भरोसेमंद है। अब तक जितने भी नाम सामने आए हैं उनमें अधिकांश विधायक समर्थक है। वहीं जिलाध्य़क्ष राजीवल खंडेलवाल और महामंत्री राजेश यादव विधायक के विरोध के बावजूद संगठन के कोटे से दावेदारी कर रहे हैं। इसी तरह कांग्रेस की बात करें तो यहां पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा की भूमिका अहम रहेगी। उन्हीं की पसंद के व्यक्ति को टिकट मिलेगा। कहा जा रहा है कि राजानी उनके समर्थक जरूर है लेकिन एक बार चुनाव हार चुके हैं। प्रवेश अग्रवाल की इंट्री सीधे कमलनाथ के यहां से हुई है इसलिए उन्हें तवज्जो देना मजबूरी भी रहेगी। दूसरी वजह यह भी रहेगी कि यदि स्थानीय नेताओं पर आम राय नहीं बन सकी तो प्रवेश अग्रवाल के रूप में नया नाम लाया जा सकता है। अग्रवाल आर्थिक रूप से संपन्न है इसलिए भी उनका नाम प्रबल रूप से सामने आया है।