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Dewas: खातेगांव में 24 को जुटेंगे कांग्रेस व आदिवासी नेता, दिग्विजय सिंह ने भाजपा सांसद-विधायक से की आने की अपील
Mon, 23 May 2022 06:48 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवास
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवास
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Mon, 23 May 2022 06:48 PM IST
सार
मप्र के देवास जिले के खातेगांव में 24 मई को बड़ा धरना प्रदर्शन होगा। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह समेत कांग्रेस नेता व आदिवासी नेजा जुटेंगे। आदिवासी युवक रामदेव काकोड़िया को जिलाबदर किए जाने के विरोध में यह प्रदर्शन किया जा रहा है।
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प्रदर्शन को लेकर इस तरह से पोस्टर छपवाए गए हैं
- फोटो : सोशल मीडिया
मप्र के देवास जिले में आदिवासी युवक के खिलाफ हुई जिलाबदर की कार्रवाई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। 24 मई को इसके विरोध में देवास जिले के खातेगांव में धरना दिया जाएगा, जिसमें पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह समेत कांग्रेस के अन्य नेता व आदिवासी समाज के नेता शामिल होंगे।
दिग्विजय सिंह का ट्वीट
- फोटो : सोशल मीडिया
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर लिखा कि रामदेव काकोड़िया नौजवान बहादुर आदिवासी जयस का कार्यकर्ता है। उसे थाने में बुलाकर टीआई व भाजपा बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने बेरहमी से पीटा। बेकसूर को धारा 151 लगा कर जेल भेज दिया। डॉक्टर पर दबाव डाल कर फर्जी मेडिकल रिपोर्ट बनाई गई। उसे इंदौर उज्जैन संभाग से जिलाबदर कर दिया गया। उसका कसूर क्या है,- यही न कि वो आदिवासियों की लड़ाई लड़ता है। क्या आदिवासियों के हित में लड़ाई लड़ना जयस का लक्ष्य नहीं है। उसकी मां व उसकी नव विवाहित पत्नी अकेली है। क्या उसे जयस की अंदरूनी राजनीति में डालकर उसके पक्ष में सभी जयस के कार्यकर्ताओं को एक होकर को खड़ा नहीं होना चाहिए।
दिग्वजय सिंह का ट्वीट
- फोटो : सोशल मीडिया
हमने सदैव आदिवासियों के हित में लड़ाई लड़ी है और लड़ते रहेंगे। मेरी सभी आदिवासियों के शुभचिंतकों से चाहे वे किसी भी विचारधारा या किसी भी राजनीतिक दल के क्यों न हों अपील है कि वे मंगलवार 11 बजे 24 मई को रामदेव काकोड़िया के पक्ष में खातेगांव पहुंचकर जन आंदोलन में शामिल हों। मैं स्वयं 24 को खातेगांव पहुंच रहा हूं। श्री लक्ष्मण सिंह मरकाम जी आप मुख्यमंत्री जी के कार्यालय में उप सचिव हैं। आदिवासियों के हित में रामदेव काकोड़िया पर हो रहे अन्याय व ज़्यादती के खिलाफ आप उसका समर्थन नहीं करेंगे। देवास के सांसद सोलंकी जी आप अपने आदिवासी भाई पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ चुप रहेंगे। क्या बागली के आदिवासी भाजपा विधायक महोदय, आप अपने आदिवासी भाई पर हो रहे अन्याय व अत्याचार के खिलाफ मंगलवार 24 मई को खातेगांव धरने में शामिल नहीं होंगे। यह जयस का ग़ैर राजनीतिक आंदोलन है।
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जयस देवास जिलाध्य़क्ष की फेसबुक पोस्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
पुलिस-प्रशासन की जांच पर भरोसा है
जयस के जिलाध्यक्ष सूरज डावर ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि वे पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट हैं। फेसबुक पोस्ट कर लिखा कि आज भाई रामदेव काकोड़िया के प्रकरण के संबंध में मेरी देवास जिले के पुलिस अधीक्षक महोदय एवं अन्य अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा हुई जिसमें यह सुनिश्चित किया गया कि घटना के संबंध में दो मेडिकल रिपोर्ट है। एक मेडिकल रिपोर्ट में चोट बताई गई है जबकि अन्य मेडिकल रिपोर्ट में कोई चोट होना लेख नहीं किया गया है। इन दोनों मेडिकल रिपोर्ट की मेडिकल बोर्ड से जांच रिपोर्ट आना शेष है। भाई रामदेव काकोड़िया को किसी भी प्रकार की दिखाई देने वाली चोट अब तक समझ नहीं आई है। अतः मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट आने का थाने तक पुलिस प्रशासन को 1 सप्ताह का समय समय देना उचित होगा। हमें पुलिस प्रशासन की जांच पर भरोसा है।
विधिवत पूर्ण कार्यवाही हेतु पुलिस अधीक्षक महोदय ने आश्वासन दिया है। बाहरी लोगों द्वारा फैलाई जा रही बातों पर विश्वास न करें। कानूनी प्रक्रिया पर विश्वास करें। देवास जिले के लोग तय करेंगे कि क्या करना है और अगर नहीं मानते और फिर भी अपनी फोटो खिंचवाने और वाह वाही लूटने के चक्कर में आ रहे हैं तो एक बार फिर से कह देना चाहता हूं यहां अपनी नेतागिरी करके क्षेत्रीय साथियों का मनोबल न गिराओ। उनके ऊपर कार्यवाही करवा कर जिला बदर न करवाओ।
इसी तरह एक दिन पहले सूरज डावर ने लिखा था कि देवास जयस रामदेव काकोड़िया का कानूनी प्रक्रिया के तहत एवं संवैधानिक दायरे में रह कर पूर्ण रुप से समर्थन करता है। लेकिन 24 तारीख को देवास जिले के खातेगांव में होने वाले इस आंदोलन में प्रदेश के कई जिलों से साथियों के आने की संभावना है। इस आंदोलन में किसी भी साथी द्वारा उग्र भाषा या उग्र प्रदर्शन न किया जाए जिससे माहौल बिगड़े। आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से किया जाए इसका ध्यान रखें, क्योंकि बाहर से आने वाले साथी तो अपना 5 मिनट का भाषण देकर चले जाएंगे लेकिन बाद में किसी भी प्रकार की कार्यवाही या कुछ भी होता है तो नाम स्थानीय लोगों का आता है। बाहर से आने वाले सभी साथी इस बात का ध्यान रखें। इस आंदोलन में किसी प्रकार की त्रुटि या कोई अभद्र कार्य किया गया तो इसमें देवास जयस की कोई जवाबदारी नहीं रहेगी।
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विधायक हीरालाल अलावा की फेसबुक पोस्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
विधायक अलावा और राय में हुई तकरार
रामदेव काकोड़िया के मुद्दे पर ही पिछले दिनों विधायक व जयस संरक्षक हीरालाल अलावा और व्हिसल ब्लोअर डॉ. आनंद राय के बीच तकरार नजर आई थी। दोनों के बीच में जुबानी जंग शुरू हुई थी। जयस नेताओं का कहना है कि रामदेव ने आदिवासियों पर हो रहे अत्याचारों को लेकर कई आंदोलन में मुख्य भूमिका निभाई। रामदेव के साथ पुलिस और प्रशासन ने फर्जी मामले दर्ज कर उसे आठ जिलों की सीमा से प्रतिबंधित कर दिया। डॉ. आनंद राय ने कहा था कि आदिवासियों के नाम पर अत्याचार के समय आवाज उठाने के बजाय हीरा अलावा गायब हो जाते हैं। खातेगांव में लाखों आदिवासी इकट़ठे होकर सरकार की कार्रवाई का विरोध करेंगे। अलावा जिस आदिवासी समाज के नाम पर नेता बने और अब आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने के बजाए चुप्पी साधे बैठे हैं। मैं गैर आदिवासी होकर भी आदिवासियों के साथ खड़ा हूं आदिवासी मेरे साथ खड़े हैं ये मेरे लिए गर्व की बात है। विधायक अलावा ने ट्वीट किया था कि डॉ. आंनद राय आदिवासी समाज में भ्रम और अफवाह फैलाकर भोले- भाले आदिवासियों को भड़काकर आदिवासियों को आपस मे लड़वाने और समाज मे अशांति फैलाने का काम कर रहा है। इसके खिलाफ सरकार जल्द से जल्द कड़ी कार्यवाही करे। अन्यथा कोई भी अनहोनी होगी उसके लिए सरकार भी जिम्मेदार होगी।
रामदेव काकोड़िया के मुद्दे पर ही पिछले दिनों विधायक व जयस संरक्षक हीरालाल अलावा और व्हिसल ब्लोअर डॉ. आनंद राय के बीच तकरार नजर आई थी। दोनों के बीच में जुबानी जंग शुरू हुई थी। जयस नेताओं का कहना है कि रामदेव ने आदिवासियों पर हो रहे अत्याचारों को लेकर कई आंदोलन में मुख्य भूमिका निभाई। रामदेव के साथ पुलिस और प्रशासन ने फर्जी मामले दर्ज कर उसे आठ जिलों की सीमा से प्रतिबंधित कर दिया। डॉ. आनंद राय ने कहा था कि आदिवासियों के नाम पर अत्याचार के समय आवाज उठाने के बजाय हीरा अलावा गायब हो जाते हैं। खातेगांव में लाखों आदिवासी इकट़ठे होकर सरकार की कार्रवाई का विरोध करेंगे। अलावा जिस आदिवासी समाज के नाम पर नेता बने और अब आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने के बजाए चुप्पी साधे बैठे हैं। मैं गैर आदिवासी होकर भी आदिवासियों के साथ खड़ा हूं आदिवासी मेरे साथ खड़े हैं ये मेरे लिए गर्व की बात है। विधायक अलावा ने ट्वीट किया था कि डॉ. आंनद राय आदिवासी समाज में भ्रम और अफवाह फैलाकर भोले- भाले आदिवासियों को भड़काकर आदिवासियों को आपस मे लड़वाने और समाज मे अशांति फैलाने का काम कर रहा है। इसके खिलाफ सरकार जल्द से जल्द कड़ी कार्यवाही करे। अन्यथा कोई भी अनहोनी होगी उसके लिए सरकार भी जिम्मेदार होगी।
