फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Damoh: नंगे पैर कीचड़ भरे रास्ते से गुजर रहे स्कूलों के बच्चे, बीमारों को अस्पताल पहुंचाने में हो जाती है देर

Sun, 18 Sep 2022 05:17 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह Published by: दिनेश शर्मा Updated Sun, 18 Sep 2022 05:17 PM IST
सार

Damoh: नंगे पैर कीचड़ भरे रास्ते से गुजर रहे स्कूलों के बच्चे, बीमारों को अस्पताल पहुंचाने में हो जाती है देर Damoh: School children passing through the muddy road barefoot, it takes time to take the sick to the hospital
 

विज्ञापन
Damoh: School children walking barefoot through muddy road
दमोह जिले का यह रास्ता आज तक नहीं बन सका है। - फोटो : सोशल मीडिया
मध्य प्रदेश के दमोह जिले के एक दलदल भरे रास्ते की तस्वीरें सामने आई हैं। जिससे सड़कों का जाल बिछाने का दंभ भरने वाली सरकार की हकीकत सामने आ रही है। कीचड़ भरे रास्ते से छोटे-छोटे स्कूली बच्चे रोज नंगे पैर निकलते हैं, क्योंकि कीचड़ में धंसकर या तो चप्पल-जूते टूटेंगे या बच्चे गिरेंगे। गांव का एकमात्र रास्ता यही है, बारिश में लोग बेहद परेशान हो जाते हैं। बीमारों को अस्पताल पहुंचाने में देर हो जाती है। हालत इतनी खराब है कि वाहन के बारे में सोचना ही बेमानी है।

 
Damoh: School children walking barefoot through muddy road
स्कूल जाने के लिए बच्चे नंगे पैर यहां से निकलते हैं। - फोटो : सोशल मीडिया
हम बात कर रहे हैं दमोह जिले के बटियागढ़ ब्लॉक के सेमरा रामनगर गांव की। यहां रहने वाले ग्रामीण रूपेंद्र सिंह लोधी ने इसका वीडियो बनाया है, जो अब वायरल हो रहा है। वीडियो में बच्चे कीचड़ भरे रास्ते से बमुश्किल निकलते नजर आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि बारिश के बाद हालात और बिगड़ जाते हैं। रूपेंद्र ने बताया कि गांव की आबादी 670 है। गांव के बच्चे एक किमी दूर शासकीय मिडिल स्कूल मगरोन में पढ़ने जाते हैं। जिन्हें बारिश के 4 महीने इसी दलदल और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। आज तक इस 500 मीटर के रास्ते में सड़क का निर्माण नहीं हुआ।
 
Damoh: School children walking barefoot through muddy road
गांव जाने-आने के लिए यही एकमात्र रास्ता है। - फोटो : सोशल मीडिया
बच्चों ने बताया कि वे चाहते हैं कि यहां पर सड़क का निर्माण हो जाए ताकि वे चप्पल-जूते पहनकर आसानी से स्कूल पहुंच सकें। नंगे पैर इस कीचड़ से होकर गुजरते हैं तो पत्थर, कांच के टुकड़े और अन्य नुकीले तार उनके पैर में चुभ जाते हैं। ग्राम पंचायत सगरोन के नव निर्वाचित सरपंच धीरज सिंह लोधी का कहना है कि सेमरा रामनगर गांव आने जाने में बड़ी समस्या होती है। जिस रास्ते की बात की जा रही है, उसका आधा भाग बन गया है। आधा मार्ग कच्चा है। हमने वहां पर अभी पत्थर डलवाए हैं जैसे ही बारिश खत्म होती है  वहां पर कीचड़ को साफ करके और पत्थर डलवाए जाएंगे। सड़क बनवाने के लिए कोशिश की जा रही है। 
 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed