Shardiya Navratri 2025 : शारदीय नवरात्रि 2025 का शुभ शुभारंभ 22 सितंबर दिन सोमवार से हो रहा है। मां के ये नौ दिन उपासना करने वाले भक्तों के लिए काफी खास होते हैं। इसलिए इन दिनों को शक्ति के दिन कहते हैं। भक्त, साधक मां की तरह-तरह से पूजा-पाठ करते हुए लोकमंगल की कामना करते हैं। इस पावन अवसर पर आपको मध्य प्रदेश स्थित मां दुर्गा के प्रसिद्ध और सिद्ध शक्तिपीठों और मंदिरों के बारे में जानकारी दे रहे हैं। आप मां के इन पावन स्थल पर जाकर मां के दर्शन कर सकते हैं।
2 of 8
शोण नर्मदा शक्तिपीठ
- फोटो : अमर उजाला
अमरकंटक: शोण नर्मदा शक्तिपीठ
मध्यप्रदेश के अमरकंटक में स्थित शोण नर्मदा शक्तिपीठ का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व अपार है। मान्यता है कि यहां माता सती का दायां नितंब गिरा था। यही कारण है कि इस स्थान पर मां को नर्मदा स्वरूप में पूजा जाता है। मंदिर को शोणाक्षी शक्तिपीठ भी कहा जाता है। यहां देवी की प्रतिमा पर सुनहरा मुकुट विराजमान है और चांदी के चबूतरे से इसका वैभव और भी बढ़ जाता है। मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को लगभग 100 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं।
3 of 8
मैहर माता मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
मैहर: मां शारदा माता मंदिर
सतना जिले की त्रिकुट पहाड़ी पर विराजमान मैहर माता मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। मान्यता है कि यहां माता सती का हार गिरा था, इसी कारण इस स्थान का नाम पड़ा – मैहर। भक्तों को मंदिर तक पहुंचने के लिए 1063 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं, हालांकि सुविधा के लिए यहां रोपवे सेवा भी उपलब्ध है। नवरात्रि और पर्वों पर यहां भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ता है।
4 of 8
मां पीतांबरा पीठ
- फोटो : अमर उजाला
दतिया: मां पीतांबरा पीठ
दतिया जिले में स्थित मां पीतांबरा पीठ अद्भुत और अद्वितीय शक्तिपीठ है। यहां मां बगलामुखी को पीतांबरा रूप में पूजा जाता है। यही नहीं, इस मंदिर परिसर में महाभारत कालीन वनखंडेश्वर महादेव मंदिर और मां धूमावती का मंदिर भी स्थित है, जिससे इसका महत्व और बढ़ जाता है। माना जाता है कि यहां साधना करने से साधक को अद्वितीय शक्ति और सिद्धियां प्राप्त होती हैं।
5 of 8
कालिका माता मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
रतलाम : कालिका माता मंदिर
रतलाम जिले का कालिका माता मंदिर अपनी दिव्य ऊर्जा और चमत्कारों के लिए प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि जब भक्त मां कालिका की प्रतिमा के सामने खड़े होते हैं तो उनके शरीर में एक विशेष प्रकार की ऊर्जा का संचार होता है। नवरात्रि पर यहां भव्य मेले का आयोजन होता है, जिसमें दूर-दराज से श्रद्धालु आकर मां के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त करते हैं।