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MP News: MP का एक ही किंग…जीवन सिंह..., नारे से गूंजा जंबूरी मैदान, पांच लोग भूख हड़ताल पर बैठे
Sun, 08 Jan 2023 09:31 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sun, 08 Jan 2023 09:31 PM IST
सार
भोपाल के जंबूरी मैदान में करणी सेना को रविवार को पुलिस की तरफ से सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आंदोलन करने की अनुमति दी गई थी। शाम पांच बजे आंदोलन की अनुमति का समय खत्म होने के बाद करनी सेना प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर समेत पांच लोग मांगे पूरी नहीं होने तक भूख हड़ताल पर बैठ गए।
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जंबूरी मैदान रात में मोबाइल के टॉर्च की रोशनी से जगमगाया
- फोटो : अमर उजाला
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जातिगत आरक्षण समेत 21 सूत्रीय मांगों को लेकर करणी सेना परिवार का जनआंदोलन प्रशासन की अनुमति खत्म होने के देररात तक जारी है। सरकार की तरफ से मांगों को पूरा करने का लिखित आवश्वासन देने की मांग को लेकर जीवन सिंह शेरपुर समेत पांच लोग भूख हड़ताल पर बैठ गए। इस बीच देर रात तक करणी सेना के कार्यकर्ता मोबाइल के टॉर्च की रोशनी में नारे बाजी करते रहे। जंबूरी मैदान मध्य प्रदेश का एक ही किंग.. जीवन सिंह, जीवन सिंह …। देखो देखो कौन आए, माई के लाल...माई के लाल...। नारों से देर रात गुंजा।
जंबूरी मैदान में करणी सेना के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में पहुंचे
- फोटो : अमर उजाला
मांगे पूरी नहीं हुई तो सरकार बदल देंगे
करणी सेना प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर ने कहा कि सरकार ने हमारी मांगे पूरी नहीं की तो हम चुनावी राजनीति में प्रवेश करने से भी परहेज नहीं करेंगे। सर्वण और पिछड़ा वर्ग हमारे साथ है। हम व्यवस्था बदलने आंदोलन कर रहे हैं। हमारी मांगों पर सरकार ने विचार नहीं किया तो हम सत्ता बदल देंगे। बता दें करणी सेना जातिगत आरक्षण खत्म कर आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग, ऐट्रोसिटी एक्ट समेत 21 सूत्रीय मांगों को लेकर जन आंदोलन कर रही हैं।
लाखों कार्यकर्ता जंबुरी मैदान पहुंचे
करणी सेना परिवार के कार्यकर्ताओं का शनिवार सुबह से ही भोपाल पहुंचना शुरू हो गया था। इसमें प्रदेश के कई जिलों के साथ ही राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश समेत अन्य राज्यों के लोग शामिल हैं। यह लोग बस, ट्रक, ट्रेन समेत अपने वाहनों से भोपाल पहुंचे। यह अपने साथ ठहरने के इंतजाम के साथ पहुंचे।
कई रास्ते डायवर्ट किए
जंबुरी मैदान में लाखों लोगों के एकत्रित होने से भोपाल में कई रास्तों पर जाम जैसी स्थिति निर्मित हो गई है। पुलिस की तरफ से लोगों को परेशानी से बचाने के लिए पहले से ही रूट डायवर्ट किया गया। इसके बावजूद भेल के अंदर कई मार्गों पर जाम जैसे हालत निर्मित हो गए।
सरकार ने आंदोलन को दबाने का प्रयास किया
इससे पहले करणी सेना के पदाधिकारियों ने कहा कि करणी सेना के आंदोलन को दबाने के लिए सरकार ने पूरे इंतजाम किए। कई जिलों में बसों को अनुमति नहीं दी गई। इसके चलते कार्यकर्ता जिलों में भी आंदोलन कर रही है। सरकार ने जनआंदोलन को दबाने के लिए हर तरह की कोशिश की। मुख्यमंत्री निवास में क्षत्रिय समागम किया गया। यह समाज के लोगों की अवाज को दबाने का असफल प्रयास साबित हुआ।
करणी सेना प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर ने कहा कि सरकार ने हमारी मांगे पूरी नहीं की तो हम चुनावी राजनीति में प्रवेश करने से भी परहेज नहीं करेंगे। सर्वण और पिछड़ा वर्ग हमारे साथ है। हम व्यवस्था बदलने आंदोलन कर रहे हैं। हमारी मांगों पर सरकार ने विचार नहीं किया तो हम सत्ता बदल देंगे। बता दें करणी सेना जातिगत आरक्षण खत्म कर आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग, ऐट्रोसिटी एक्ट समेत 21 सूत्रीय मांगों को लेकर जन आंदोलन कर रही हैं।
लाखों कार्यकर्ता जंबुरी मैदान पहुंचे
करणी सेना परिवार के कार्यकर्ताओं का शनिवार सुबह से ही भोपाल पहुंचना शुरू हो गया था। इसमें प्रदेश के कई जिलों के साथ ही राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश समेत अन्य राज्यों के लोग शामिल हैं। यह लोग बस, ट्रक, ट्रेन समेत अपने वाहनों से भोपाल पहुंचे। यह अपने साथ ठहरने के इंतजाम के साथ पहुंचे।
कई रास्ते डायवर्ट किए
जंबुरी मैदान में लाखों लोगों के एकत्रित होने से भोपाल में कई रास्तों पर जाम जैसी स्थिति निर्मित हो गई है। पुलिस की तरफ से लोगों को परेशानी से बचाने के लिए पहले से ही रूट डायवर्ट किया गया। इसके बावजूद भेल के अंदर कई मार्गों पर जाम जैसे हालत निर्मित हो गए।
सरकार ने आंदोलन को दबाने का प्रयास किया
इससे पहले करणी सेना के पदाधिकारियों ने कहा कि करणी सेना के आंदोलन को दबाने के लिए सरकार ने पूरे इंतजाम किए। कई जिलों में बसों को अनुमति नहीं दी गई। इसके चलते कार्यकर्ता जिलों में भी आंदोलन कर रही है। सरकार ने जनआंदोलन को दबाने के लिए हर तरह की कोशिश की। मुख्यमंत्री निवास में क्षत्रिय समागम किया गया। यह समाज के लोगों की अवाज को दबाने का असफल प्रयास साबित हुआ।
