फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

सड़क सुरक्षा कार्यशाला: सीएम यादव बोले-चाहे जितनी जल्दी हो, सड़क सुरक्षा नियमों का पालन अवश्य करें

Wed, 15 Oct 2025 05:22 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Wed, 15 Oct 2025 05:22 PM IST
सार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को भोपाल स्थित राज्य प्रशासन अकादमी में सड़क सुरक्षा कार्यशाला की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने “संजय ऐप” लॉन्च किया, सड़क सुरक्षा रिपोर्ट जारी की और हादसों में जनहानि रोकने के लिए नई पहलें शुरू कीं। सीएम ने कहा कि सड़क सुरक्षा कार्यशाला: सीएम यादव बोले-चाहे जितनी जल्दी हो, सड़क सुरक्षा नियमों का पालन अवश्य करें। 

विज्ञापन
MP News: CM said in the road safety workshop – preventing accidents is the top priority of the government.
सीएम सड़क सुरक्षा कार्यशाला कार्यक्रम में - फोटो : अमर उजाला
राज्य प्रशासन अकादमी में मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सड़क सुरक्षा कार्यशाला में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने सड़क सुरक्षा से संबंधित “संजय ऐप” लॉन्च किया और आईआईटी मद्रास द्वारा तैयार सड़क सुरक्षा रिपोर्ट का विमोचन किया। कार्यक्रम में लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा आईआईटी मद्रास और सेव लाइफ फाउंडेशन के साथ सड़क सुरक्षा के लिए दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoU) का आदान-प्रदान हुआ।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जीवन अनमोल है। तेजी में या असावधानीवश सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसी भी सूरत में उचित नहीं है। दुनिया का कोई भी काम किसी की जिंदगी से बड़ा नहीं होता, इसलिए चाहे जितनी भी जल्दी हो, सड़क पर चलते समय सुरक्षा नियमों का पालन करना हर नागरिक का प्राथमिक कर्तव्य है। उन्होंने अपील की कि सभी लोग दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट अवश्य पहनें और चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट लगाना कतई न भूलें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सुधरेंगे, तो जग भी सुधरेगा। सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करना न केवल हमारी जरूरत है, बल्कि एक जागरूक नागरिक के रूप में हमारी बड़ी जिम्मेदारी भी है। सिविक सेंस कहता है कि वाहन चलाते समय हमें अपने साथ दूसरों के जीवन की सुरक्षा का दायित्व भी समझना चाहिए।


 
MP News: CM said in the road safety workshop – preventing accidents is the top priority of the government.
सड़क सुरक्षा कार्यशाला कार्यक्रम - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार सड़क दुर्घटनाओं में हो रही जनहानि को रोकने के लिए ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में लगभग 9 हजार किलोमीटर लंबाई के राष्ट्रीय राजमार्ग हैं, जहां हादसों की दर अधिक है। उन्होंने कहा कि “हमारा लक्ष्य है सड़क हादसों में होने वाली मौतों को न्यूनतम करना और मध्यप्रदेश को ‘सुरक्षित यात्रा राज्य’ के रूप में स्थापित करना। उन्होंने बताया कि सरकार ने हादसे के बाद घायलों को तुरंत अस्पताल पहुँचाने वाले नागरिकों को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की योजना बनाई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए ठोस कार्ययोजना बनाएं और सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को आदर्श राज्य के रूप में प्रस्तुत करें।

 
MP News: CM said in the road safety workshop – preventing accidents is the top priority of the government.
सड़क सुरक्षा कार्यशाला पर पुस्तक का विमोचन - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न का उल्लेख करते हुए कहा कि “भारत को सुरक्षित और सशक्त बनाने के लिए सड़कों का बेहतर नेटवर्क आवश्यक है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने स्वर्णिम चतुर्भुज जैसी योजनाओं से देश की दिशा तय की थी, और अब उस पर तेज गति से काम हो रहा है। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कार्यक्रम में कहा कि सड़क सुरक्षा केवल कानून का विषय नहीं, बल्कि जीवन की रक्षा से जुड़ी सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “हेलमेट और सीटबेल्ट चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी जान बचाने के लिए पहनें।” उन्होंने बताया कि अमेरिका में भारत की तुलना में अधिक एक्सीडेंट होते हैं, लेकिन वहां मौतों का प्रतिशत बहुत कम है, क्योंकि लोग नियमों का पालन करते हैं। जैन ने बताया कि राज्य के पांच प्रमुख विभाग मिलकर ‘जीरो डेथ रोड सेफ्टी मिशन’ पर काम कर रहे हैं। उन्होंने समाज से भी अपील की कि वे सड़क सुरक्षा के प्रति सजग रहें और दूसरों को जागरूक करें।

आईआईटी मद्रास के रोड सेफ्टी के विशेषज्ञ एवं मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम में स्वतंत्र संचालक प्रोफेसर (डॉ.) वेंकटेश बालासुब्रमण्यम ने कहा कि जहां अधिकांश दुर्घटनाएं मानवीय त्रुटियों के कारण होती हैं, वहीं लगभग 3 प्रतिशत दुर्घटनाएं सड़क डिज़ाइन, ज्यामिति और संकेतकों की कमी जैसी अवसंरचनात्मक कमियों से जुड़ी होती हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि इन कारणों का वैज्ञानिक विश्लेषण कर तकनीकी सुधारात्मक कदम उठाए जाएँ जिससे दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सके। उन्होंने कहा कि सटीक डेटा संग्रहण और विभागीय समन्वय सड़क सुरक्षा प्रबंधन की कुंजी है। लोक निर्माण विभाग, एमपीआरडीसी, पुलिस, स्वास्थ्य संस्थान और ज़िला प्रशासन के बीच साझा डेटा से ब्लैक स्पॉट की सटीक पहचान और त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई संभव होगी। यह पहल “हर मोड़ को सुरक्षित” बनाने के राज्य सरकार के संकल्प को और सशक्त बनाएगी।

लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह ने कहा कि यह कार्यशाला सड़क सुरक्षा बढ़ाने और दुर्घटनाएं कम करने की दिशा में प्रदेश की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। “हर मोड़ को सुरक्षित बनाना” इसका प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि जहां 93 प्रतिशत दुर्घटनाएं मानवीय त्रुटि से होती हैं, वहीं 7 प्रतिशत सड़क की ज्यामिति या साइन बोर्ड की कमी से जुड़ी हैं, जिन पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है। श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश में 1041 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जिन पर लघु अवधि के सुधार कार्य पूरे कर लिए गए हैं, जबकि दीर्घकालिक उपाय लोक निर्माण विभाग द्वारा 2027 और एमपीआरडीसी द्वारा 2028 तक पूर्ण किए जाएंगे। कार्यशाला में आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर, इंदौर और मऊगंज के कलेक्टर और परिवहन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किए, जो सड़क सुरक्षा के लिए बहु-विभागीय दृष्टिकोण को सशक्त बनाते हैं।

 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed