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MP News: सीएम डॉ. यादव ने 2100वें मेट्रो कोच को दिखाई हरी झंडी, BEML को रायसेन में जमीन आवंटन का पत्र सौंपा
Wed, 14 May 2025 05:55 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Wed, 14 May 2025 05:55 PM IST
सार
बीईएमएल लिमिटेड ने बुधवार को अपनी बेंगलुरु स्थित अत्याधुनिक मेट्रो कोच निर्माण इकाई से 2100वां मेट्रो कोच रवाना कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। इस ऐतिहासिक अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कोच को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साथ ही, उन्होंने रायसेन जिले के उमरिया में प्रस्तावित बीईएमएल की नई रोलिंग स्टॉक निर्माण इकाई के लिए भूमि आवंटन पत्र भी बीईएमएल के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) शांतनु रॉय को सौंपा।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कोच को हरी झंडी दिखाते हुए
- फोटो : अमर उजाला
बीईएमएल लिमिटेड ने बुधवार को अपने बेंगलुरु स्थित अत्याधुनिक रेल कोच निर्माण संयंत्र से 2100वां मेट्रो कोच सफलतापूर्वक रवाना कर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मेट्रो कोच को हरी झंडी दिखाई और बीईएमएल के चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी) शांतनु रॉय को रायसेन जिले के उमरिया में नई रोलिंग स्टॉक निर्माण ईकाई स्थापित करने के लिए भूमि आवंटन पत्र सौंपा। इस कार्यक्रम में प्रदेश सरकार, मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) और बीईएमएल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
आत्मनिर्भर और नवाचार में हमारी मजबूत प्रगति
मुख्यमंत्री ने कहा है कि यह क्षण न केवल मध्यप्रदेश, बल्कि पूरे देश के लिए एक गौरव का अवसर है। बीईएमएल का 2100वां मेट्रो कोच भारत की उन्नत विनिर्माण क्षमताओं को दर्शाता है। साथ ही आत्मनिर्भर तकनीक और नवाचार की दिशा में हमारी मजबूत प्रगति को भी रेखांकित करता है। रायसेन में प्रस्तावित नई ईकाई से प्रदेश की औद्योगिक व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और स्थानीय युवाओं, समुदायों तथा MSMEs के लिए नए अवसर प्रदान करेगी।
बीईएमल के सीएमडी ने माना सीएम का आभार
इस अवसर पर बीईएमएल के CMD रॉय ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आभारी हैं, जिन्होंने हमारी कंपनी पर भरोसा जताते हुए भूमि आवंटन की स्वीकृति प्रदान की। 2100वां मेट्रो कोच हमारे सतत नवाचार, गुणवत्ता और आत्मनिर्भरता के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। रायसेन में नई ईकाई की स्थापना से देश में रेल और मेट्रो इंफ्रास्ट्रक्चर को नई गति मिलेगी और वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रोडक्ट तैयार किए जा सकेंगे।
यह कोच MMRDA के लिए DMRC के माध्यम से निर्मित किया गया है और यह Grade of Automation 4 (GoA4) मानकों पर आधारित पूर्णतः चालक-रहित (अनअटेंडेट ट्रेन ऑपरेशन) प्रणाली से लैस है। इसमें भारत का पहला ‘ऑनबोर्ड कंडीशन मॉनिटरिंग सिस्टम’ भी शामिल है, जो 5 उच्च तकनीकी मॉड्यूल के जरिए वास्तविक समय में निगरानी करता है।
- रेल ट्रैक की स्थिति
- ओवरहेड उपकरण (OHE)
- पैंटोग्राफ-OHE अंतःक्रिया
- आर्क डिटेक्शन
- रेल प्रोफाइल एनालिसिस
ये सभी सुविधाएं स्मार्ट मेंटेनेंस और दूरस्थ निदान की क्षमता देती हैं, जिससे परिचालन कुशलता और सुरक्षा दोनों में वृद्धि होती है। इसके अतिरिक्त, कोच में आधुनिक यात्री सुविधाएं जैसे कि एर्गोनॉमिक इंटीरियर, गतिशील रूट मैप, CCTV, डिजिटल फायर डिटेक्शन, उन्नत वातानुकूलित सिस्टम और यहां तक कि साइकिल स्टैंड भी शामिल हैं।
क्या है बीईएमएल
बीईएमएल लिमिटेड, रक्षा मंत्रालय के अधीन एक प्रमुख ‘श्रेणी-A’ सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम है, जो रक्षा, खनन, निर्माण और रेल क्षेत्रों में विश्वस्तरीय उत्पाद प्रदान करता है। कंपनी की विनिर्माण ईकाइयां बेंगलुरु, कोलार गोल्ड फील्ड्स (KGF), मैसूर और पालक्काड में स्थित हैं। छह दशकों की विरासत के साथ, बीईएमएल तकनीकी उत्कृष्टता, नवाचार और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। बीईएमएल की मेट्रो यात्रा की शुरुआत 2000 के दशक की शुरुआत में DMRC के RS1 प्रोजेक्ट से हुई थी। आज बीईएमएल निर्मित मेट्रो कोच दिल्ली, बेंगलुरु, कोलकाता, मुंबई सहित अनेक शहरों में लाखों यात्री इनमें यात्रा कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि यह क्षण न केवल मध्यप्रदेश, बल्कि पूरे देश के लिए एक गौरव का अवसर है। बीईएमएल का 2100वां मेट्रो कोच भारत की उन्नत विनिर्माण क्षमताओं को दर्शाता है। साथ ही आत्मनिर्भर तकनीक और नवाचार की दिशा में हमारी मजबूत प्रगति को भी रेखांकित करता है। रायसेन में प्रस्तावित नई ईकाई से प्रदेश की औद्योगिक व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और स्थानीय युवाओं, समुदायों तथा MSMEs के लिए नए अवसर प्रदान करेगी।
बीईएमल के सीएमडी ने माना सीएम का आभार
इस अवसर पर बीईएमएल के CMD रॉय ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आभारी हैं, जिन्होंने हमारी कंपनी पर भरोसा जताते हुए भूमि आवंटन की स्वीकृति प्रदान की। 2100वां मेट्रो कोच हमारे सतत नवाचार, गुणवत्ता और आत्मनिर्भरता के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। रायसेन में नई ईकाई की स्थापना से देश में रेल और मेट्रो इंफ्रास्ट्रक्चर को नई गति मिलेगी और वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रोडक्ट तैयार किए जा सकेंगे।
यह कोच MMRDA के लिए DMRC के माध्यम से निर्मित किया गया है और यह Grade of Automation 4 (GoA4) मानकों पर आधारित पूर्णतः चालक-रहित (अनअटेंडेट ट्रेन ऑपरेशन) प्रणाली से लैस है। इसमें भारत का पहला ‘ऑनबोर्ड कंडीशन मॉनिटरिंग सिस्टम’ भी शामिल है, जो 5 उच्च तकनीकी मॉड्यूल के जरिए वास्तविक समय में निगरानी करता है।
- रेल ट्रैक की स्थिति
- ओवरहेड उपकरण (OHE)
- पैंटोग्राफ-OHE अंतःक्रिया
- आर्क डिटेक्शन
- रेल प्रोफाइल एनालिसिस
ये सभी सुविधाएं स्मार्ट मेंटेनेंस और दूरस्थ निदान की क्षमता देती हैं, जिससे परिचालन कुशलता और सुरक्षा दोनों में वृद्धि होती है। इसके अतिरिक्त, कोच में आधुनिक यात्री सुविधाएं जैसे कि एर्गोनॉमिक इंटीरियर, गतिशील रूट मैप, CCTV, डिजिटल फायर डिटेक्शन, उन्नत वातानुकूलित सिस्टम और यहां तक कि साइकिल स्टैंड भी शामिल हैं।
क्या है बीईएमएल
बीईएमएल लिमिटेड, रक्षा मंत्रालय के अधीन एक प्रमुख ‘श्रेणी-A’ सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम है, जो रक्षा, खनन, निर्माण और रेल क्षेत्रों में विश्वस्तरीय उत्पाद प्रदान करता है। कंपनी की विनिर्माण ईकाइयां बेंगलुरु, कोलार गोल्ड फील्ड्स (KGF), मैसूर और पालक्काड में स्थित हैं। छह दशकों की विरासत के साथ, बीईएमएल तकनीकी उत्कृष्टता, नवाचार और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। बीईएमएल की मेट्रो यात्रा की शुरुआत 2000 के दशक की शुरुआत में DMRC के RS1 प्रोजेक्ट से हुई थी। आज बीईएमएल निर्मित मेट्रो कोच दिल्ली, बेंगलुरु, कोलकाता, मुंबई सहित अनेक शहरों में लाखों यात्री इनमें यात्रा कर रहे हैं।
