यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने गंगा को स्वच्छ करने के लिए अब तक किए गए कामों का ब्यौरा दिया और कहा कि इसके लिए आम लोगों को भी आगे आना होगा। योगी बुधवार को लखनऊ के पांच कालिदास मार्ग स्थित अपने सरकारी आवास पर होमगार्ड संगठन की ओर से निकाली जा रही नमामि गंगे जागृति यात्रा को रवाना करने से पहले कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
योगी ने राज्य सरकार की ओर से गंगा की सफाई में किए गए काम का ब्यौरा देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने 5 जुलाई से अभियान चलाकर गंगा के किनारे एक करोड़ 30 लाख से अधिक पौधे लगाए। गंगा किनारे बसे 25 जिलों के 1627 ग्राम पंचायतों को खुले में शौच से मुक्त कराया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गंगा को स्वच्छ बनाए रखने की जिम्मेदारी हम सभी की है। सिर्फ गंगा मइया कहने से गंगाजी को स्वच्छ नहीं किया जा सकता। इसके लिए जरूरी है कि गंगा में पूजन सामग्री एवं अन्य ठोस कूड़ा न डाला जाए। अगर हम अपनी नदियों को नहीं बचा पाए तो पूरा उत्तर भारत रेगिस्तान में तब्दील हो जाएगा। (सलामी लेते सीएम योगी साथ में हैं कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना।)
योगी ने कहा कि गंगा के दोनों तटों पर बड़े पैमाने पर पौधे लगाए जाएं। ऐसा करने से आने वाले एक साल में परिवर्तन दिखाई देगा। इलाहाबाद में 2019 में होने वाले अर्धकुंभ से पहले गंगा को स्वच्छ बनाने के लिए अभी से संकल्प लेना होगा।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने जुलाई 2014 में नमामि गंगे परियोजना की शुरुआत की थी। इसमें गंगोत्री से लेकर गंगासागर तक गंगा की अविरलता बनाए रखने के लिए 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया।