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मुख्यमंत्री योगी ने मेधावियों को दिए सफलता के मंत्र, बोले- मुश्किल आए तो समझो अच्छे परिणाम आएंगे

Sun, 01 Sep 2019 09:55 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sun, 01 Sep 2019 09:55 PM IST
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yogi adityanath honoured toppesrs in Lucknow.
- फोटो : amar ujala

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बच्चे चुनौतियों से घबराएं नहीं, बल्कि पूरी शिद्दत के साथ उनका सामना करें। छोटी से छोटी बात पर ध्यान दें। छोटी-छोटी चीजों को नजरअंदाज करना जीवन में नुकसानदेह हो सकता है। स्कूलों में स्वच्छता को जनांदोलन बनाएं। विद्यार्थी और शिक्षक मिलकर स्कूलों में सफाई करने में संकोच नहीं करें।



मुख्यमंत्री रविवार को लखनऊ में डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव आंबेडकर सभागार में मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है। शिक्षा प्राप्त कर युवा पीढ़ी को एक भारत-श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को साकार करने का मार्ग भी प्रशस्त करना है।

yogi adityanath honoured toppesrs in Lucknow.
सम्मान समारोह - फोटो : amar ujala
समारोह में मुख्यमंत्री ने माध्यमिक शिक्षा परिषद, संस्कृत शिक्षा परिषद, सीबीएसई और आईसीएसई की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा 2019 के 1695 मेधावी विद्यार्थियों को नकद राशि, टैबलेट, मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। मेधावी विद्यार्थियों के माता-पिता और उनके स्कूलों के प्रधानाचार्यों का भी सम्मान किया गया।

मेहनत और पुरुषार्थ से मिलेगी सफलता
मुख्यमंत्री ने बच्चों से कहा कि विषम परिस्थिति है तो मानो कि अच्छे परिणाम आने वाले हैं। अच्छी परिस्थिति है तो उसे आगे तक बनाए रखने के लिए प्रयास करें। बच्चों को अपनी मेहनत और पुरुषार्थ के दम पर सफलता की नई ऊंचाई छूनी है।
yogi adityanath honoured toppesrs in Lucknow.
- फोटो : amar ujala

बच्चों से स्कूलों में सफाई कराने में कोई संकोच नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी सरकारी चीज को लावारिस या अनाथ मानने की प्रवृत्ति खराब है। सार्वजनिक संपत्ति सभी की है, उसका संरक्षण करना हर नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है। स्कूल भी बच्चों का ही है, स्कूलों में बच्चे और शिक्षक सफाई करें तो उनकी शिकायत नहीं, सराहना करनी चाहिए।

योगी ने गोरखपुर स्थित अपने ट्रस्ट के पीजी कॉलेज का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां 2008 से आज तक कोई सफाई कर्मचारी या चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नहीं है। कॉलेज परिसर की सफाई से लेकर सभी व्यवस्थाएं वहां के शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी मिलकर करते हैं।

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yogi adityanath honoured toppesrs in Lucknow.

पहले केवल परीक्षा, परिणाम और छुट्टियां होती थीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पहले 3 महीने बोर्ड परीक्षाएं चलती थीं, तीन महीने में परिणाम आता था, तीन महीने त्योहार-पर्व की छुट्टियां होती थीं और तीन महीने महापुरुषों की जयंती की छुट्टियों में बीत जाते थे। हमने दो वर्ष में व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन किया है। अब परीक्षाएं मात्र 15 दिन में हो रही हैं, अप्रैल-मई तक सभी परिणाम जारी हो रहे हैं। महापुरुषों की जयंती पर छुट्टियों की जगह उनके बारे में बच्चों को जानकारियां दी जा रही हैं।

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yogi adityanath honoured toppesrs in Lucknow.
- फोटो : amar ujala

अभिभावकों को संदेश, शिक्षकों को नसीहत
मुख्यमंत्री ने समारोह में आए मेधावी विद्यार्थियों के अभिभावकों को भी संदेश दिया। कहा कि बच्चों के पहले शिक्षक माता-पिता हैं, वे घर-परिवार में जैसे संस्कार और वातावरण देंगे, बच्चों का व्यक्तित्व वैसा ही बनेगा। वहीं शिक्षकों को नसीहत देते हुए कहा कि गुरुकुल परंपरा में आचार्य में वेतनबोध, मानदेय बोध नहीं बल्कि कर्तव्यबोध होता था। स्कूलों के रखरखाव की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक या प्रधानाचार्य की है।

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