आषाढ़ में ही शहरी सावन सरीखी बारिश बदली में गुम है। जोरों पर चल रहे मानसून के चलते लखनऊ समेत आसपास के इलाकों में मंगलवार सुबह से रात तक रुक-रुक कर धीमी-तेज बारिश में शहरी तर-ब-तर होते रहे। मौसम विज्ञानियों ने अभी दो-तीन दिनों तक ऐसे ही मौसमी तेवर जारी रहने की बात कही है।
सोमवार रात से गरज-चमक के साथ जारी बारिश मंगलवार सुबह फिर शुरू हो गई। कहीं तेज तो कहीं धीमी रफ्तार में पड़ी बौछारों के बीच शहरी अपने काम के सिलसिले में रेनकोट, छातों संग घर से बाहर निकले। शाम को भी बारिश के बीच सड़कों पर रेनकोट, छातों के नजारों के साथ ही लोग दिखे। दिन भर फुहारों के बीच खुशनुमा मौसम का अहसास कराता पारा मंगलवार को बीते 24 घंटों में लुढ़का।
ये सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस कम 30.7 डिग्री दर्ज हुआ, जबकि न्यूनतम पारा सामान्य 26.2 डिग्री दर्ज हुआ। सोमवार के बाद मंगलवार को लगातार दूसरे दिन दोपहर के समय बादलों की आवाजाही ने नाममात्र धूप की झलकी दिखाई।
हालांकि ये इतनी भी नहीं रही कि घरों में लोग भीगे कपड़े सुखाने के लिए छतों पर पहुंच सकें। सुबह से शाम तक आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र पर 7.8 मिमी. बारिश दर्ज हुई, वायुमंडल में अधिकतम आद्रर्ता स्तर 100 प्रतिशत दर्ज किया गया।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि मानसून के जोरों पर होने के साथ पूर्वी उप्र के ऊपर चक्रवातीय दबाव का क्षेत्र सक्रिय है, जिसके चलते राजधानी समेत आसपास के इलाकों में अभी अगले दो-तीन दिनों तक बादल छाए रहने के साथ बारिश का दौर जारी रहेगा जबकि पूर्वी उप्र के इलाकाें में भारी बारिश का दौर कुछ लंबा खिंच सकता है।