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UP: इस सीट से चुनाव लड़ेंगी प्रियंका गांधी! बस औपचारिक एलान होना बाकी, आसपास की सीटों पर बदलेंगे समीकरण
Mon, 08 Apr 2024 08:57 AM IST
शाहरुख खान
आशीष दीक्षित, अमर उजाला, रायबरेली
आशीष दीक्षित, अमर उजाला, रायबरेली
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 08 Apr 2024 08:57 AM IST
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Priyanka Gandhi
- फोटो : अमर उजाला
सोनिया गांधी के बाद रायबरेली में कौन? इस बड़े सवाल का हल कांग्रेस आलाकमान ने करीब ढूंढ़ लिया है। इंतजार है तो पहले चरण के चुनाव के पूरे होने का। इसके बाद रायबरेली के रण में प्रियंका के उतरने के संकेत शनिवार को जिला कार्यकारिणी को मिले हैं। इसके बाद से शांत बैठे कार्यकर्ता रविवार को उत्साहित नजर आए।
priyanka gandhi
- फोटो : अमर उजाला
रायबरेली से प्रियंका गांधी के चुनाव मैदान में उतरने से कांग्रेस मनोवैज्ञानिक बढ़त लेने की कोशिश भी करेगी। कांग्रेस के थिंक टैंक का मानना है कि प्रियंका गांधी यदि रायबरेली से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत करती हैं तो इसका एक बड़ा संदेश प्रदेश की हर लोकसभा सीट पर जाएगा, जिसका फायदा इंडिया गठबंधन को मिलेगा।
प्रियंका गांधी
- फोटो : अमर उजाला
1999 से प्रियंका ने जोड़ रखा है रायबरेली से नाता
रायबरेली में प्रियंका गांधी की लोकप्रियता उसी तरह है जिस तरह उनकी दादी इंदिरा गांधी और मां सोनिया गांधी की। प्रियंका ने पहली बार रायबरेली में 1999 के लोकसभा चुनाव के दौरान कदम रखा। उस समय कांग्रेस प्रत्याशी कैप्टन सतीश शर्मा के चुनाव की पूरी बागडोर प्रियंका ने संभाली।
रायबरेली में प्रियंका गांधी की लोकप्रियता उसी तरह है जिस तरह उनकी दादी इंदिरा गांधी और मां सोनिया गांधी की। प्रियंका ने पहली बार रायबरेली में 1999 के लोकसभा चुनाव के दौरान कदम रखा। उस समय कांग्रेस प्रत्याशी कैप्टन सतीश शर्मा के चुनाव की पूरी बागडोर प्रियंका ने संभाली।
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प्रियंका गांधी।
- फोटो : संवाद
इसका नतीजा यह रहा कि कैप्टन सतीश शर्मा ने चुनाव जीता। प्रियंका ने इस दौरान जिले में घूम-घूमकर प्रचार किया था। सन 2004 के लोकसभा चुनाव में जब सोनिया गांधी मैदान में उतरीं तो प्रियंका ने उनके चुनाव का प्रबंधन खुद संभाला।
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Priyanka Gandhi Vadra
- फोटो : Social Media
रायबरेली की सियासी समझ
रायबरेली की सियासी समझ प्रियंका को बखूबी है। वर्ष 2009 में जब बसपा ने आरपी कुशवाहा को चुनाव में उतारा तो प्रियंका ने एससी बहुल क्षेत्रों में ताबड़तोड़ प्रचार किया और घर-घर जाकर कांग्रेस के लिए वोट मांगे। नतीजा यह रहा कि कांग्रेस प्रत्याशी सोनिया गांधी को जीत मिली। यहां तक की 2016 के जिला पंचायत चुनाव में प्रियंका गांधी की रणनीति का नतीजा रहा कि कांग्रेस ने जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा किया। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भी प्रियंका गांधी ने सदर और हरचंदपुर में सभा की। कांग्रेस ने सदर और हरचंदपुर में जीत भी दर्ज की।
रायबरेली की सियासी समझ प्रियंका को बखूबी है। वर्ष 2009 में जब बसपा ने आरपी कुशवाहा को चुनाव में उतारा तो प्रियंका ने एससी बहुल क्षेत्रों में ताबड़तोड़ प्रचार किया और घर-घर जाकर कांग्रेस के लिए वोट मांगे। नतीजा यह रहा कि कांग्रेस प्रत्याशी सोनिया गांधी को जीत मिली। यहां तक की 2016 के जिला पंचायत चुनाव में प्रियंका गांधी की रणनीति का नतीजा रहा कि कांग्रेस ने जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा किया। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भी प्रियंका गांधी ने सदर और हरचंदपुर में सभा की। कांग्रेस ने सदर और हरचंदपुर में जीत भी दर्ज की।