यूपी के नए डीजीपी ओपी सिंह ने आखिरकार घोषणा के 22 दिन बाद मंगलवार को अपना पदभार संभाल लिया। चार्ज लेने के बाद उन्होंने कहा कि उनके सामने चुनौतियां बहुत हैं। उनकी कोशिश होगी कि समाज के आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी सुरक्षा का एहसास हो। इसके लिए प्रदेश में पुलिस कमिश्नर सिस्टम का होना जरूरी है। उनकी कोशिश होगी कि प्रदेश में यह प्रणाली लागू हो।
फिल्म 'पद्मावत' पर बोले नए डीजीपी, किसी को कानून हाथ में नहीं लेने देंगे, मीडिया से कही ये बातें
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उन्होंने कहा कि चुनौतियों का सामना करने के लिए हमारे पास काबिल अफसरों की टीम है। समाज के सभी नागरिकों को उचित सुरक्षा मिल सके यही उनकी प्राथमिकता है। पिछले कुछ महीनों में प्रदेश में कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग में काफी सुधार आया है। मेरी पहली कोशिश होगी कि पुलिस विभाग की सर्विस डिलीवरी को और बेहतर किया जाए और जनता भी बेहतर पुलिसिंग का एहसास करे।
उन्होंने पुलिस रिस्पांस टाइम को और भी बेहतर करने की बात कही। साथ ही उन्होंने पुलिस बल में व्यावसायिक दक्षता बढ़ाने की बात कही जिससे सिपाही से लेकर सीनियर अफसर तक सभी अपना काम जिम्मेदारी के साथ करें।
विश्वास कायम करना जरूरी
डीजीपी ने कहा कि उनकी कोशिश होगी कि पुलिस की विश्वसनीयता पर कोई सवाल न उठे। इससे जनता में पुलिस के प्रति भी भरोसा बढ़ेगा। समाज में अपराध होते रहते हैं। हमारी ड्यूटी है कि ऐसे अपराधों पर अंकुश लगे। प्रचलित अपराध से निपटने के लिए योजना बनाई जाए और उस पर अमल हो। डीजीपी ने कहा कि विवेचनाओं को गुणवत्तापरण बनाने के लिए अधिकारियों और विवेचकों से वे खुद चर्चा करेंगे। सड़क सुरक्षा और यातायात पर विशेष ध्यान देने की बात कहते हुए उन्होंने कहा कि यह ऐसा क्षेत्र है जिससे जनता पुलिसिंग का आकलन करती है। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों से उम्मीद जताई कि इसमें सुधार दिखेगा। यह सुधार एक दो माह नहीं होने वाला है, इसमें समय भी लगेगा।
अराजक तत्वों से सख्ती से निपटेंगे
डीजीपी ने कहा कि फिल्म पद्मावत को लेकर सुप्रीम कोर्ट का जो आदेश है उसका पालन कराया जाएगा। जो भी कानून-व्यवस्था हाथ में लेने की कोशिश करेगा उससे पुलिस सख्ती से निपटेगी। जिलों में होने वाली कानून व्यवस्था की बैठक के बारे में उन्होंने कहा कि वे इसका अध्ययन करेंगे। एनकाउंटर के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मुठभेड़ तभी होती है जब अपराधी और पुलिस आमने-सामने होते हैं। जब सामने से गोली चल रही हो तब विकल्प भी सीमित हो जाते हैं। ऐसा नहीं है कि एनकाउंटर में केवल अपराधी को ही गोली लग रही हो, कई पुलिस वाले भी इन मुठभेड़ों में घायल होते हैं।
हनुमान मंदिर भी गए
कार्यभार ग्रहण करने से पहले ओपी सिंह हनुमान सेतु स्थित हनुमान मंदिर भी गए। हनुमानजी के दर्शन के बाद वे मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। करीब साढ़े 11 बजे शासन ने ओपी सिंह को आधिकारिक तौर पर डीजीपी बनाए जाने का आदेश जारी किया और साढ़े 12 बजे ओपी सिंह डीजीपी मुख्यालय पहुंचे जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद एडीजी कानून-व्यवस्था आनंद कुमार से उन्होंने चार्ज ग्रहण किया और फिर मीडिया से रू-ब-रू हुए।