लखनऊ के इंदिरानगर थानाक्षेत्र के अरविंदो पार्क पुलिस चौकी के पास बुधवार रात तेज रफ्तार एसयूवी ने स्कूटी सवार तीन युवकों को रौंद दिया। हादसे में हाईकोर्ट के डिप्टी रजिस्ट्रार सूबेदार सिंह के बेटे पवन (23) व उसके दोस्त तुषार (22) की मौत हो गई। तीसरा साथी हिमांशु (24) गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डिप्टी रजिस्ट्रार का आरोप है कि कलेवा चौराहे से दो किलोमीटर तक पीछा कर वारदात अंजाम दी गई। पार्क के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी वारदात कैद हो गई है। पिता की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। एएसपी ट्रांसगोमती अमित कुमार के मुताबिक, 12 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।
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एएसपी के मुताबिक , कमता के शंकरपुरी कॉलोनी निवासी सूबेदार सिंह ने बताया कि छोटा बेटा पवन सिंह गोंडा के सरयू डिग्री कॉलेज से बीकॉम तृतीय वर्ष का छात्र था। बुधवार दोस्त सचिन चौधरी संग वह शहीद पथ की तरफ गया था। विभूतिखंड स्थित शहीद पथ पर उसे तुषार स्कूटी लेकर मिला। इसके बाद पवन व तुषार इंदिरानगर के सेक्टर-21 में रहने वाले दोस्त हिमांशु के घर गए। इसके बाद तीनों स्कूटी से भूतनाथ बाजार गए। रात करीब 9.15 बजे मां पूजा ने कॉल की पवन ने कुछ देर में घर पहुंचने की जानकारी दी। रात करीब 9.50 बजे पवन व हिमांशु मथुरा विहार निवासी तुषार को छोड़ने उसके घर जा रहे थे। अरविंदो पार्क पुलिस चौकी के पास पीछे से आ रही एसयूवी ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में तीनों दोस्त पार्क के पास बने फुटपाथ पर गिर गए और एसयूवी सवार इंदिरानगर के सेक्टर-8 की तरफ भाग निकले।
हादसे के बाद घायल चीख-पुकार कर रहे थे। जबकि राहगीर मदद के बजाए वीडियो बनाने में लगे थे। यह देख कुछ अन्य लोगों ने वीडियो बना रहे लोगों को डपटा और एंबुलेंस को सूचना दी।एंबुलेंस पहुंचने में देर हुई तो घायलों को डाला से लोहिया अस्पताल भेजा गया। जहां डॉक्टरों ने पवन व तुषार को मृत घोषित कर दिया। जबकि हिमांशु को ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। सूचना पर पवन के भाई पंकज और पिता सूबेदार सिंह लोहिया अस्पताल पहुंचे। वहीं, पुलिस से जानकारी पाकर परिवारीजनों ने हिमांशु को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। उसके सिर में गंभीर चोट लगी है। ऑपरेशन किया गया है।
पुलिस की लापरवाही से हुई वारदात
इंदिरानगर पुलिस की लापरवाही से दो घरों में रक्षाबंधन जैसे त्योहार के दिन जवान बेटों का शव पहुंचा। पवन के पिता सूबेदार सिंह बोल पड़े कि आखिर मेरे बेटे की क्या गलती थी, जो उसे मार डाला। सूबेदार सिंह ने इंदिरानगर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाये। सूबेदार सिंह ने बताया कि आठ अगस्त को हरिहरनगर निवासी संदीप सिंह ने उनके बेटे पवन को फोन कर बुलाया था। पवन बीडी लॉन के पास पहुंचा, जहां संदीप अपने साथी सचिन चौधरी, ईशूवीर सिंह और विक्की चौधरी के साथ मौजूद था।
पवन के पहुंचते ही संदीप उसे गाली देने लगा। एतराज पर सचिन चौधरी व ईशूवीर सिंह ने रॉड और सरिये से पवन पर हमला बोल दिया। चोट लगने से पवन बेहोश होकर गिर पड़ा। इस बीच आरोपितों ने उसका मोबाइल व रुपये भी लूट लिये। पवन की स्कूटी भी तोड़ दी थी। चार दिन बाद पवन के बड़े भाई पंकज सिंह को घटना की जानकारी हुई। इसके बाद 12 को पवन ने इंदिरानगर थाने में संदीप, सचिन, ईशूवीर सिंह और विक्की चौधरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।