लखनऊः स्कर्ट पहनने पर पाबंदी,भड़की विदेशी लड़कियां
शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद द्वारा इमामबाड़े में महिलाओं के स्कर्ट पहनकर आने पर पाबंदी लगाने के बाद पर्यटकों ने अपनी नारजगी जताई। इमामबाड़ा घूमने आए देसी-विदेशी पर्यटकों ने शनिवार को मौलाना की इस घोषणा का पुरजोर विरोध किया।
लखनऊः स्कर्ट पहनने पर पाबंदी,भड़की विदेशी लड़कियां
पर्यटकों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि,मौलाना पर्यटकों पर जबरदस्ती नियम-कानून थोपने में लगे हैं,जो स्वतंत्रता के अधिकारों का हनन भी है। हालांकि,इमामबाड़े में कार्यरत हुसैनाबाद ट्रस्ट के कर्मचारी घोषणा के समर्थन में खड़े हैं। यही कारण है कि शनिवार को कर्मचारियों की निगाहें दिनभर आने वाले हर पर्यटक की वेशभूषा पर टिकी रही।
लखनऊः स्कर्ट पहनने पर पाबंदी,भड़की विदेशी लड़कियां
इमामबाड़े पहुंचने वाले जो पर्यटक खुले सिर थे,उन्हें स्कार्फ मुहैया कराया गया,जबकि स्कर्ट पहनकर आने वालेपर्यटकों को इबादतगाह की पाकीजगी का हवाला देते हुए प्रवेश से रोक दिया गया। हालांकि,ऐसे पर्यटकों की संख्या एक-दो ही रही।
लखनऊः स्कर्ट पहनने पर पाबंदी,भड़की विदेशी लड़कियां
लखनऊ घूमने आई एक पर्यटक हॉफ टी-शर्ट व कैपरी (थ्री क्वाटर) पहनकर दोस्तों संग इमामबाड़ा घूमने आई थीं,लेकिन उन्हें प्रवेश से रोक दिया गया,उनकी बहस भी हुई। लड़की ने नाराजगी जताते हुए कहा कि मौलाना कल्बे जव्वाद के नए फरमान पर्यटकों के लिए मुसीबत बन रहे हैं। लखनऊ की पहचान इमामबाड़े हैं,ऐसे में स्कार्फ और स्कर्ट पर मौलाना का राजनीति करना उचित नहीं है।
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वहीं,इंग्लैंड से इमामबाड़ों पर रिसर्च करने आईं बिटल व ग्लोसन ने कहा कि बेशक इबादतगाहों की पवित्रता का ख्याल रखा जाना चाहिए,लेकिन इमामबाड़े पर्यटन केंद्र हैं और फिर यहां सिर ढकने या स्कर्ट पहनकर घूमने की कभी कोई परंपरा नहीं रही है। इसलिए अब ऐसी परंपराएं डालना तर्कसंगत नहीं है।