डिफेंस एक्सपो के दौरान सुरक्षा इंतजाम पुख्ता रखने को अंतरिक्ष से भी नजर रखी जाएगी। इसके लिए तीन सैटेलाइट पांच दिन तक सर्विलांस के साथ हर गतिविधि पर नजर रखेंगी। इन सैटेलाइटों को हाईटेक कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा। पांच फरवरी से लखनऊ के वृंदावन सेक्टर-15 में एशिया के सबसे बड़े सैन्य उपकरण मेले डिफेंस एक्सपो का आगाज हो रहा है। इसमें जहां प्रधानमंत्री सहित कई नामचीन हस्तियां मौजूद रहेंगी, वहीं डेढ़ सौ से अधिक विदेशी एग्जीबिटर और आठ सौ से ज्यादा देसी एग्जीबिटर भी इसमें शामिल हो रहे हैं।
सुरक्षा: यूं रहेगी डिफेंस एक्सपो पर खास नजर, तस्वीरों का भी होगा विश्लेषण
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ये रक्षा निर्माण क्षेत्र से जुड़ी तकनीकी लेकर आ रहे हैं। इस दौरान बिजनेस मीटिंग के साथ लाइव शो व डिमॉन्सट्रेशन भी होंगे। फाइटर जेट सुखोई, जगुआर, तेजस सहित ग्लोबमास्टर व ध्रुव, रुद्र, चिनूक जैसे हेलीकॉप्टर शक्ति दिखाएंगे। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने को जहां सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है, वहीं अंतरिक्ष से निगरानी को तीन सैटेलाइटों की भी मदद ली जाएगी।
निगरानी करने वाली तीनों सैटेलाइटों की ओर से भेजी जाने वाली तस्वीरों का विश्लेषण भी किया जाएगा। आशंका पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
धुआं उठते ही सैटेलाइटों ने दी सूचना
हाल ही में सैटेलाइटों की मदद से पराली जलने की सूचना सदर तहसील को दी गई थी। रिमोट सेंसिंग की ओर से तहसील को बताया गया था कि डिफेंस एक्सपो क्षेत्र यानी सेक्टर-15 में पराली जलाई जा रही है। इसके बाद तहसीलदार मौके पर पहुंचे तो वहां कूड़ा जलाने से धुआं हो रहा था। इसके बाद से सैटेलाइटों को एक्सपो के दौरान ड्यूटी व निगरानी पर लगाने की तैयारियां शुरू कर दी गई थीं।
ये काम करेंगी सैटेलाइटें
जिन सैटेलाइटों से डिफेंस एक्सपो पर नजर रखी जाएगी, वे फोटो सर्विलांस, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस सहित रडार सर्वे, मिसाइल वॉर्निंग आदि हैं। एक्सपो में लाइव शो व डिमॉन्सट्रेशन भी होंगे, जिसमें लड़ाकू जहाज शामिल होंगे। इनकी हर गतिविधि सैटेलाइटों की नजर में रहेगी।