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नौ दिन एक कमरे में रहकर शक्ति उपासना करते थे योगी आदित्यनाथ, एक दिन अचानक...

Thu, 11 Oct 2018 04:52 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 11 Oct 2018 04:52 PM IST
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this is how yogi adityanath used to worship in navratra.
योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala

मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखनाथ मंदिर स्थित दुर्गा शक्ति पीठ पर विधि विधान से कलश स्थापना की। इससे पूर्व दुर्गा मंदिर से एक शोभा यात्रा निकली। जिसमें मंदिर के साधु संत और वेदपाठी छात्र शामिल हुए।



साधुओं के हाथ में त्रिशूल तथा विशेष वाद्य यंत्र नागफनी था। जिसे बजाते हुए वे चल रहे थे। भीम सरोवर से कलश में जल भर कर यात्रा वापस मंदिर आई जहां मंत्रोच्चार के साथ कलश को स्थापित किया गया।

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योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ शाम चार बजे गोरखनाथ मंदिर पहुंचे। मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद अपने बैठक कक्ष में पहुंचे। यहां कुछ अधिकारियों और लोगों से उन्होंने मुलाकात की। इसके बाद वे सीधे कलश स्थापना स्थल पर पहुंचे।

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योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala

भीम सरोवर से जल भरने निकले साधु संतों की शोभायात्रा का नेतृत्व मंदिर के मुख्य पुजारी कमलनाथ कर रहे थे। कलश स्थापना के दौरान संस्कृत विद्यालय के 75 छात्रों एवं अन्य आचार्यों ने मंत्रोच्चार किया। इसके बाद सीएम ने पहले गौरी-गणेश और फिर तमाम देवी-देवताओं की पूजा की। फिर शुरू हुआ सप्तशती का पाठ करीब दो घंटे तक चला।

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योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala

नौ दिन ऊपर के कक्ष में रहते थे योगी
परंपराओं का पालन करते हुए योगी आदित्यनाथ शारदीय नवरात्र में कलश स्थापना के बाद अपने आवास के ऊपरी कक्ष में ही नौ दिन रहते थे। सांसद रहते हुए गोरखपुर में ट्रेन हादसा होने पर एक बार ही वह आकस्मिक परिस्थिति में नीचे उतरे थे।

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योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala

हालांकि, सीएम होने के बाद पिछले वर्ष कलश स्थापना के दूसरे दिन वह लखनऊ चले गए थे। इस बार भी वह ऐसा ही करेंगे। ऐसा वह अपने राजधर्म के निर्वहन के लिए करेंगे।

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