बाबा भदेश्वरनाथ की ख्याति दूर-दूर तक फैली है। आसपास के सैकड़ों गांव सावन और महाशिवरात्रि पर बाबा का अभिषेक करने जुटते हैं। कहते हैं बाबा की आराधना से हर तरह का कष्ट दूर हो जाता है।
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बाबा भदेश्वर
- फोटो : amar ujala
शास्त्रों के मुताबिक शिवपुरी गांव भगवान श्रीकृष्ण और बाणासुर के बीच हुए महायुद्ध का रण क्षेत्र हैं। यहां महाशिवरात्रि, नागपंचमी सहित कई अवसरों पर भव्य मेले का भी आयोजन किया जाता है।
यूं प्रगट हुए महादेव
इलाकाई लोगों की मान्यता है कि भोलेनाथ इस युद्ध में बाणासुर की ओर से युद्ध करने के लिए आए, लेकिन सामने भगवान श्रीकृष्ण को देखकर वे नजदीक के जंगल में जाकर सो गए। उसी स्थान पर ब्रह्माजी ने शिवलिंग स्थापित कर आराधना की।
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बाबा भदेश्वर
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कहते हैं कि यहीं पर शिवजी ने श्रीकृष्ण को पौत्र अनिरुद्ध व बाणासुर की पुत्री उषा का विवाह संपन्न कराया था। कालांतर में यही स्थान बाबा भदेश्वर नाथ के रूप में प्रसिद्ध हुआ। बताते हैं कि मंदिर का जिक्र शिव महापुराण में मिलता है।
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क्या कहते हैं भक्त
बीकेटी के गांव धतिगरा निवासी महेंद्र प्रताप यादव कहते हैं कि बाबा भदेश्वरनाथ मंदिर में पूजा करने से बाबा सबकी मनोकामना पूरी करते है। वो सबकी सुनते हैं। अपने हर भक्त को आशीर्वाद देते हैं। उनके दर में साष्टांग प्रणाम करने वाला निराश नहीं लौटता।