बरसात की फुहारें एक अलग सी खुशी देती हैं। लोग बरसात व सुहाने मौसम का आनंद लेने का कोई भी मौका हाथ से जाने नहीं देते और देना भी नहीं चाहिए। पर, इतना ध्यान रखें कि मानसून में संक्रमण की आशंका ज्यादा होती है। इस मौसम में सर्दी, खांसी, बुखार जैसी समस्याएं होने लगती हैं। यदि आपको इस तरह की परेशानी हो रही है तो आप भाप ले सकते हैं। लोहिया अस्पताल के आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डॉ. एसके पांडेय का कहना है कि मानसून का सेहत के साथ-साथ त्वचा पर भी असर पड़ता है। अगर आप इस मौसम का मजा उठाना चाहते हैं तो समय-समय पर भाप लेते रहे।
सेहत के साथ ही त्वचा के लिए फायदेमंद है भाप, थकावट भी करती है दूर
अस्थमा मरीजों के लिए लाभदायक
मौसम में बदलाव का सबसे ज्यादा असर अस्थमा मरीजों पर होता है। बरसात में इनकी परेशानी बढ़ जाती है। मानसून में भाप लेने से सांस की दिक्कत से बचा जा सकता है।
थकान हो जाएगी छूमंतर
स्टीम थकान भी मिटाती है। दिनभर की दौड़भाग और काम के बाद यदि आप थकावट महसूस कर रहे हैं तो बॉडी को स्टीम दिलाने से राहत मिलेगी। ये आपको आराम के साथ-साथ ऊर्जा भी देगा।
मुहासों से छुटकारा
भाप लेने से मुहासों से भी छुटकारा मिलता है। यदि मुहासों से ज्यादा परेशान हैं तो अपनी त्वचा को भरपूर भाप दिलाएं। इससे रोमछिद्र खुलेंगे और जमी हुई गंदगी बाहर निकल जाएगी और मुहासों से राहत मिलेगी। भाप से त्वचा की डेड स्किन हटती है और चेहरा तरोताजा नजर आता है।
बरसात के कारण हवा में नमी बनी रहती है। इस वजह से संक्रमण जल्दी फैलता है। मानसून में सर्दी जुकाम से राहत पाने में स्टीम कारगर विकल्प है। आपको सर्दी के साथ-साथ कफ की दिक्कत से भी छुटकारा मिलेगा। पानी में लेमन ग्रास की कुछ पत्तियां, तुलसी और मुलैठी उबाल ले, फायदा तुरंत मिलेगा।