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युवाओं को तेजी से गिरफ्त में ले रही है दिल की बीमारी, जानें - विशेषज्ञों की चिंता और उनके सुझाव
Tue, 29 Sep 2020 04:27 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 29 Sep 2020 04:27 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : पेक्सेल्स
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दिल की बीमारी तेजी से युवाओं को गिरफ्त में लेने लगी है। धूम्रपान की लत, खानपान और एक्सरसाइज में लापरवाही इसकी बड़ी वजह मानी जा रही है। दिल की बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक करने को हर साल 29 सितंबर को विश्वहृदय दिवस मनाया जाता है। पेश है विशेषज्ञों की चिंता और उनके सुझाव।
प्रो. निर्मल गुप्ता
- फोटो : अमर उजाला
एसजीपीजीआई में कार्डियोवस्कुलर विभाग के प्रमुख प्रो. निर्मल गुप्ता कहते हैं कि वर्ष 2000 में यहां आया तो उस दौरान हृदय रोगियों की उम्र का औसत 55 से 60 वर्ष था। अब यह औसत 35 से 50 साल है। वह कहते हैं कि ऑपरेशन या दवाएं तो बीमारी का इलाज हैं, हमें तो बीमारी को न होने देने के बारे में सोचना होगा। दांत व मसूड़ों में संक्रमण भी दिल को रोगी बना सकता है। मैंने जितने भी ऑपरेशन किए, सभी के डेंटल हाईजीन का स्तर बहुत खराब था। दांतों की साफ-सफाई करने की आदत बच्चों में डालनी चाहिए। इसके अलावा हफ्ते में पांच दिन 30-30 मिनट खुद को एक्टिव रखें। टहलें या दौड़ें। - प्रो. निर्मल गुप्ता
डॉ शरद चंद्र
- फोटो : अमर उजाला
हृदय रोगियों को कोरोना की दिक्कत हो रही है तो कृपया घर पर खुद को आइसोलेट न करें, डॉक्टर से मिलें, अस्पताल जाएं। ओपीडी में नहीं जाना चाहते हैं तो टेलीमेडिसिन का फायदा लें। -डॉ. शरद चंद्र, कार्डियोलाजिस्ट, केजीएमयू
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प्रो. सुदीप कुमार
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना हृदय रोगियों के लिए खतरनाक है, लेकिन इससे घबराने की जरूरत नहीं है। कई दवाओं को लेकर भ्रांतियां हैं। कहा जा रहा है कि कोरोना में कुछ दवाएं नहीं लेनी चाहिए। बिना डॉक्टरी सलाह के ऐसा न करें। संतुलित खाना खाएं। प्राकृतिक जीवनशैली की ओर लौटें। -प्रो. सुदीप कुमार, हृदय रोग विशेषज्ञ, पीजीआई
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डॉ नवीन
- फोटो : अमर उजाला
लॉकडाउन के दौरान आराम, समय पर खाना, योगाभ्यास या वर्कआउट के चलते दिल के रोगियों को भी आराम मिला है। इस रूटीन को बनाए रखना होगा। भागदौड़, तनाव और अनियमित दिनचर्या दिल के लिए खतरनाक है। -डॉ. नवीन जामवाल, इंटरवेंशन कार्डियोलाजिस्ट, लोहिया संस्थान