फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Chhath Puja 2020 Kharna: छठ पर्व का छाया उल्लास, सास से मिले व्रत को यूं निभा रहीं हैं बहुएं, बोलीं...

Thu, 19 Nov 2020 01:04 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Thu, 19 Nov 2020 01:04 PM IST
विज्ञापन
Chhath Puja Kharna 2020: Special Story On Chhath Parv 2020
आरती पांडेय, अनामिका, स्मिता कोहली - फोटो : अमर उजाला
आस्था, उल्लास और तपस्या का संगम है छठ पर्व। चार दिन तक चलने वाला यह एक कठिन व्रत है। कहते हैं न कि दिल में आस्था हो तो हर तप एक निखार लाता है। ऐसा ही है यह व्रत। यह कहना है उन व्रती महिलाओं का जो पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही इस परंपरा को न केवल सहेज रही हैं, बल्कि पूरे हर्षोल्लास से इस त्योहार को मना रही हैं। आइए, जानते हैं कि व्रती महिलाएं विरासत में मिली इस आस्था का कैसे निर्वहन कर रही हैं। 


 
Chhath Puja Kharna 2020: Special Story On Chhath Parv 2020
नीलिमा सिंह - फोटो : अमर उजाला

बेटा होने के बाद उठाया व्रत

जीजीआईसी गोमतीनगर में शिक्षिका नीलिमा सिंह का रिश्ता प्रयागराज, बलिया और मिर्जापुर से है। कहती हैं कि लखनऊ में 1996 से रह रहे हैं। बेटा होने के बाद 1997 से व्रत उठाया है। कठिन व्रत है, ये मालूम था। लेकिन आस्था ने हिम्मत दी और व्रत करने की ताकत मिली। नई पीढ़ी में भी यह आस्था बरकरार है। कोरोना के कारण बेटा अभी यहीं पर है, लेकिन जब अमेरिका में था तो भी वह आनलाइन मौजूद रहता था। मैं खुद एक साल यूएस में थी, लेकिन वहां भी पूजा की थी। 

 
Chhath Puja Kharna 2020: Special Story On Chhath Parv 2020
अनामिका चतुर्वेदी - फोटो : अमर उजाला
पति ने कहा, तुम मां से व्रत ले लो, मैं मदद करूंगा
फिटनेस ट्रेनर और इंटीरियर डिजाइनर अनामिका चतुर्वेदी कहती हैं कि 10 साल से अधिक वक्त से हम लोग लखनऊ में रह रहे हैं। इससे पहले बिहार के समस्तीपुर में रहते थे। लखनऊ आने के बाद आना-जाना मुश्किल हुआ तो पति ने कहा कि तुम मां से व्रत ले लो, मैं मदद कर दूंगा। तब से व्रत कर रही हूं। आज भी पति प्रभाकर कुमार पांडेय पकौड़ी बनाकर खिलाकर गए हैं। कठिन है व्रत, लेकिन सबके साथ से आसानी से हो जाता है। नौकर से कोई काम नहीं करवाते, सारा काम खुद करते हैं। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन
Chhath Puja Kharna 2020: Special Story On Chhath Parv 2020
विभा शर्मा - फोटो : अमर उजाला
सासू मां ने तीन बहुओं में से मुझे चुना
गंगा अपार्टमेंट में रहने वाली विभा शर्मा रांची की रहने वाली हैं। 10 साल से लखनऊ में रह रही हैं और तीन साल से यहां पूजा कर रही हैं। कहती हैं कि 14-15 साल पहले सासू मां ने मुझे यह व्रत सौंपा। तीन बहुओं में से उन्होंने मुझे चुना, यह मेरा सौभाग्य है। यहां दोस्तों का एक बड़ा ग्रुप है। कोई सूप लाता है तो कोई कुछ। सभी इस व्रत को सफल बनाने में जुटते हैं। पति मुकेश कुमार शर्मा व सबके सहयोग से व्रत आसानी से पूरा हो जाता है। मायके में भी यह होता था। बचपन से देखा सुना था, इसलिए कभी दिक्कत नहीं हुई। 

 
विज्ञापन
Chhath Puja Kharna 2020: Special Story On Chhath Parv 2020
आरती पांडेय - फोटो : अमर उजाला
पहला व्रत छठी मइया ने पूरी की घर में बेटी की कमी
लोक गायिका आरती पांडेय का यह पहला व्रत है। कहती हैं कि भरा-पूरा परिवार है। हमारे यहां बेटी की कमी थी। मेरे भी तीन बेटे हैं, बेटों के आगे भी बेटी नहीं थी। छठी मइया ने यह कामना भी पूरी कर दी है। खुशी की बात ये है कि बहू ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया है, इनमें एक बेटा और एक बेटी है।


 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed