{"_id":"664812949b13ea0787013827","slug":"sitapur-murder-case-just-one-question-on-every-tongue-how-can-ajit-commit-crime-alone-2024-05-18","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"सीतापुर हत्याकांड: हर जुबान पर बस ये एक ही सवाल, ग्रामीणों के गले नहीं उतर रहा पुलिस का यह तर्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीतापुर हत्याकांड: हर जुबान पर बस ये एक ही सवाल, ग्रामीणों के गले नहीं उतर रहा पुलिस का यह तर्क
Sat, 18 May 2024 08:21 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, सीतापुर
अमर उजाला नेटवर्क, सीतापुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 18 May 2024 08:21 AM IST
विज्ञापन
Sitapur murder case
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीतापुर के पल्हापुर गांव में हुए हत्याकांड के खुलासे के अगले दिन शुक्रवार को छह दिन बाद गांव में थोड़ी चहल-पहल देखने को मिली। लोग अपने घर के बाहर बैठे दिखाई दिए। वहीं, अनुराग के घर के आसपास सन्नाटा पसरा रहा। ग्रामीणों ने दबी जुबान कई बातें साझा कीं।
आईजी रेंज सीतापुर ने पल्हापुर हत्याकांड का खुलासा किया।
- फोटो : amar ujala
बृहस्पतिवार को आईजी रेंज तरुण गाबा ने पल्हापुर गांव में छह लोगों की हत्या के मामले का खुलासा कर दिया था। अमर उजाला ने भाई अजीत पर ही इस हत्याकांड को अंजाम देने की बात सबसे पहले उजागर कर दी थी।
Sitapur Murder Case
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने आरोपी अजीत को जेल भेज दिया था। शुक्रवार को पल्हापुर गांव निवासी एक बुजुर्ग ने बताया कि उनके गांव में कभी भी ऐसा नहीं हुआ। हर कोई मेल-मिलाप से रहता है। ऐसे में दोषी को तो फांसी की सजा होनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
आरोपी अजित
- फोटो : अमर उजाला
गिरने की आवाज तो आई पर नहीं किया गौर
अनुराग के घर से करीब 100 मीटर दूर सालिक का घर बना है। उन्होंने बताया कि हत्याकांड वाली रात वह घर के बाहर ही सोए हुए थे। अचानक उनको कुछ भारी चीज गिरने की आवाज तो आई लेकिन उनको आसपास ऐसा कुछ दिखाई नहीं दिया। इसलिए वह सो गए।
अनुराग के घर से करीब 100 मीटर दूर सालिक का घर बना है। उन्होंने बताया कि हत्याकांड वाली रात वह घर के बाहर ही सोए हुए थे। अचानक उनको कुछ भारी चीज गिरने की आवाज तो आई लेकिन उनको आसपास ऐसा कुछ दिखाई नहीं दिया। इसलिए वह सो गए।
विज्ञापन
आरोपी अजीत
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि घटना ऐसे समय पर हुई जब लोग सबसे गहरी नींद में होते हैं। इसलिए शायद अन्य लोगों को पता नहीं चल पाया। तालाब के पास रहने वाले एक युवक ने बताया कि पूरे घर में कांच की खिड़कियां लगीं हैं जो कि अक्सर बंद ही रहती थीं। इसलिए उसको न तो गोली की आवाज सुनाई दी और न ही बच्चों के चीखने की आवाज सुनाई दी।