विश्व हिंदू महासभा के अध्यक्ष रणजीत बच्चन हत्याकांड में शुक्रवार को पुलिस से हुई मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किए गए शूटर जीतेंद्र ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि रणजीत की दूसरी पत्नी स्मृति का प्रेमी दीपेंद्र हत्या का मामला शांत हो जाने के बाद स्मृति से शादी करना चाहता था।
शूटर बोला, स्मृति की संपत्ति पर ऐश करना चाहता था प्रेमी दीपेंद्र, इसलिए रणजीत बच्चन को मरवाया
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विश्व हिंदू महासभा के अध्यक्ष रणजीत बच्चन को दो फरवरी की सुबह ग्लोब पार्क के पास गोली मारी गई। हालांकि, उनकी हत्या हजरतगंज चौराहे पर स्थित दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर के पास करने की योजना थी। लेकिन जब रणजीत वहां पहुंचे तो उनके साथ आदित्य था, जिसे शूटर जितेंद्र ने सरकारी गनर समझ लिया। इसके बावजूद जब रणजीत मंदिर पर माथा टेक रहे थे तो जितेंद्र ने एक बार गोली चलाने की कोशिश की, पर खुद को रोक लिया।
इसके बाद जितेंद्र, दीपेंद्र उनके पीछे ग्लोब पार्क तक गए और उसके मुख्य गेट पर गोली मार दी। यह राज शुक्रवार रात पुलिस से मुठभेड़ में पकड़े गए जितेंद्र ने खोला है। वारदात की साजिश रणजीत की दूसरी पत्नी स्मृति ने प्रेमी दीपेंद्र के साथ रची थी।
एसीपी हजरतगंज अभय कुमार मिश्रा के मुताबिक चारों आरोपियों से पुलिस ने अलग-अलग पूछताछ की। इसमें जितेंद्र ने कुबूला कि उसने रणजीत को गोली मारने के लिए हामी भरी। खुद पिस्तौल व कारतूस का इंतजाम किया। दीपेंद्र व जितेंद्र के साथ चालक संजीत भी मौके पर था, जो कुछ दूरी पर इंतजार कर रहा था।
वारदात के बाद दोनों कार से रायबरेली पहुंचे और सोमवार दोपहर प्रयागराज निकल गए। वहां से मुंबई की ट्रेन पकड़ी। बुधवार को दोनों मुंबई में कैंसर पीड़ित बडे़ भाई से मुलाकात करने के बाद अलग हो गए। हालांकि, दोनों ने लखनऊ का ही रुख किया। पुलिस ने दीपेंद्र को झांसी में बस से आते वक्त दबोचा।
दूर करना चाहता था दीपेंद्र की परेशानी
पुलिस के मुताबिक जितेंद्र शुरू से मनबढ़ था। उसके खिलाफ रायबरेली कोतवाली में कई बार शिकायतें र्हुइं, पर पुलिस में कुछ लोगों का करीबी होने से वह मामले मैनेज करता रहा। उस पर मारपीट व धमकी, बलवा के केस हैं। जितेंद्र ने पुलिस को बताया कि उसका चचेरा भाई दीपेंद्र काफी परेशान था। पूछने पर उसने स्मृति से संबंध के बारे में बताया। कहा कि दोनों शादी करना चाहते हैं, लेकिन रणजीत बाधक बन रहा है। उसे रास्ते से हटाना होगा। दीपेंद्र की परेशानी दूर करने के लिए जितेंद्र उसके साथ काम करने को तैयार हो गया।
मंदिर के पास शराब भी पी
जितेंद्र ने बताया कि वारदात की सुबह वह दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर के पास पहुंचा तो देखा रणजीत के साथ आदित्य भी था। उसे सरकारी गनर समझकर रुक गया। इसके बाद मंदिर से चंद कदम आगे जाकर जितेंद्र ने शराब पी और दोनों का पीछा करना शुरू किया। ग्लोब पार्क के पास उसने पहले रणजीत का मोबाइल मांगा। विरोध पर पिस्तौल निकाल ली। इस पर रणजीत ने मोबाइल दे दिया।
आदित्य का भी मोबाइल छीनने के बाद जितेंद्र ने रणजीत को गोली मार दी। इस पर आदित्य ने शोर मचाना शुरू कर दिया। जितेंद्र ने बताया कि वह आदित्य पर गोली नहीं चलाना चाहता था, लेकिन वह शोर मचा रहा और भाग भी नहीं रहा था। ऐसे में गुस्से में उस पर भी गोली चला दी। इसके बाद दीपेंद्र और जितेंद्र चिरैया झील, बैंकुठ धाम होते हुए हैदरगढ़ और फिर रायबरेली भाग गए।