फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

आरपीएफ की ताबड़तोड़ कार्रवाई, 13 दिन में लाखों के टिकट व फर्जी आईडी बरामद

Fri, 15 Nov 2019 01:51 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Fri, 15 Nov 2019 01:51 PM IST
विज्ञापन
RPF recovered 879 railway tickets and 82 fake ID in thirteen days
प्रतीकात्मक तस्वीर

लखनऊ में टिकट दलालों का रैकेट फैला हुआ है। प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर से टिकट बनाए जा रहे हैं। लेकिन आरपीएफ की सुस्ती रेलवे बोर्ड की ‘मुखबिरी’ से टूटी। दलालों के पते बताए जाते रहे और आरपीएफ ताबड़तोड़ कार्रवाई करती रही। पिछले 13 दिन में आरपीएफ ने करीब 15 लाख रुपये के 879 रेलवे टिकट और 82 फर्जी आईडी बरामद की हैं। दरअसल, राजधानी लखनऊ में टिकट दलालों का रैकेट इतना विकराल हो गया है कि आरक्षण केंद्र की कतारों में खड़े यात्रियों को मुश्किल से तत्काल का कन्फर्म टिकट मिलता है। शहरभर में प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर से टिकट बनाने वाले दलाल भरे पड़े हैं। डीआरयूसीसी सदस्य एसएस उप्पल ने बताया कि अभी तक रेलवे की सुस्ती से यह कारोबार फल-फूल रहा था। पिछले दो हफ्तों से जैसी ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है, यह सालभर पहले अपनाई गई होती तो टिकट दलाली पर पूरी तरह अंकुश लग सकता था।



 

RPF recovered 879 railway tickets and 82 fake ID in thirteen days
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : demo pic
दरअसल, राजधानी लखनऊ में टिकट दलालों का रैकेट इतना विकराल हो गया है कि आरक्षण केंद्र की कतारों में खड़े यात्रियों को मुश्किल से तत्काल का कन्फर्म टिकट मिलता है। शहरभर में प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर से टिकट बनाने वाले दलाल भरे पड़े हैं। डीआरयूसीसी सदस्य एसएस उप्पल ने बताया कि अभी तक रेलवे की सुस्ती से यह कारोबार फल-फूल रहा था। पिछले दो हफ्तों से जैसी ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है, यह सालभर पहले अपनाई गई होती तो टिकट दलाली पर पूरी तरह अंकुश लग सकता था।

 
RPF recovered 879 railway tickets and 82 fake ID in thirteen days
प्रतीकात्मक तस्वीर
बता दें कि टिकट दलाली पर लगाम लगाने के लिए रेलवे बोर्ड, आईआरसीटीसी व क्रिस ने पहली बार एकजुटता दिखाई है। तीनों ने मिलकर काम किया और राजधानी के टिकट एजेंटों का इतिहास खंगाला। रेलवे बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि एजेंटों के बनाए गए टिकट, उनकी आमदनी और मुखबिर तंत्र से मिली सूचनाओं को आरपीएफ तक पहुंचाया गया। इसके बाद आरपीएफ को कार्रवाई में मदद मिली। अधिकारी ने आगे बताया कि आरपीएफ को आईडी सौंप दी गई हैं, जिनकी पड़ताल कर कार्रवाई की जाएगी। पिछले 13 दिन में पूर्वोत्तर रेलवे आरपीएफ ने 14.49 लाख रुपये के 879 ई-टिकट बरामद किए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
RPF recovered 879 railway tickets and 82 fake ID in thirteen days
प्रतीकात्मक तस्वीर
यह है सजा
रेल टिकटों में कालाबाजारी करने, फर्जी आईडी से टिकट बनाने या सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करने के मामले आरपीएफ धारा 143 में दर्ज करती है। इसके तहत टिकट दलाली करते पकड़े जाने पर एक महीने की सजा या पांच हजार रुपये का जुर्माना लिया जाता है तथा तीन साल की सजा या 10 हजार रुपये जुर्माने का प्राविधान है।

https://spiderimg.amarujala.com/assets/images/epaper.amarujala.com/2019/11/15/img_5dce566f7495e.jpg
विज्ञापन
RPF recovered 879 railway tickets and 82 fake ID in thirteen days
- फोटो : अमर उजाला
लगातार चलेगा अभियान
टिकट दलालों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में रेलवे बोर्ड व आईआरसीटीसी की भी सक्रिय भूमिका है। इनकी ओर से दलालों की डिटेल व पर्सनल आईडी दी गई हैं, जिनकी पड़ताल कर आरपीएफ द्वारा कार्रवाई की जा रही है। अभियान लगातार चलेगा। - अमित मिश्र, आरपीएफ कमांडेंट, पूर्वोत्तर रेलवे
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed