इंडो-नेपाल सीमा पर मोदी सरकार के खिलाफ आक्रोश
रुपईडीहा (बहराइच)।नेपाल में मधेस आंदोलन के खिलाफ नेपाली छात्रों की ओर से रविवार को जुलूस निकाला गया। नेपाली छात्रों ने नारेबाजी करते हुए बैक ऑफ इंडिया के नारे लगाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत अन्य नेताओं के खिलाफ भी नारेबाजी की। नेपाल में नए संविधान के खिलाफ मधेसियों का आंदोलन उग्र होता जा रहा है। कई दिनों से चल रहे आंदोलन के कारण शनिवार को नेपाल सीमा पर झड़प और फायरिंग की घटना भी हुई थी। (प्रदर्शन करते नेपाली छात्र।)
इंडो-नेपाल सीमा पर मोदी सरकार के खिलाफ आक्रोश
इसके कारण नेपाल में पेट्रोलियम पदार्थ और खाद्य सामग्री को लेकर जाने वाले ट्रक भारतीय क्षेत्र में ही रोक दिए गए थे। नेपाल में सरकार की कड़ाई के बाद रविवार को मधेस आंदोलन कुछ ठंडा नजर आया। हालांकि, नेपाल के स्कूली छात्रों की ओर से महेंद्र बहुमुखी कैंपस के निकट चौड़िका के पास जुलूस निकाला गया। (वाहनों के आवागमन बंद होने के कारण रूद्रपुर की कोतवाली में बैठे दलाईलामा।)
इंडो-नेपाल सीमा पर मोदी सरकार के खिलाफ आक्रोश
इन छात्रों की ओर से मधेसियों को बैक आफ इंडिया के नारे लगाकर भारत वापस जाने की खुली चेतावनी दी गई। नेपाली छात्रों की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। नेपाली छात्रों ने भारत की विस्तारवादी नीति को गलत बताते हुए मधेसियों को भारत वापस लौटने की बात कही। इन छात्रों की ओर से किसी पार्टी का बैनर नहीं लिया गया था। (रुद्रपुर कोतवाली में खड़ी नेपाल की बस।)
इंडो-नेपाल सीमा पर मोदी सरकार के खिलाफ आक्रोश
नेपाल में पेट्रो पदार्थ का संकट
नेपाल में वाहनों के नहीं जाने के कारण पेट्रो पदार्थ की कमी का संकट पैदा हो गया है। गृह मंत्रालय की ओर से सभी चार पहिया व दो पहिया वाहन मालिकों से अपील की गई है कि वे 50 फीसदी वाहनों को आपसी सहयोग के माध्यम से संचालित करने का प्रयास करें। इस मामले में मधेसी नेता उपेंद्र यादव ने कहा कि भारत के खिलाफ नेपाल में साजिश रची जा रही है। यहां भारत की ओर से वाहनों को रोकने की अफवाह फैलायी गयी है। जबकि आंदोलन में वाहनों के क्षतिग्रस्त होने की आशंका को देखते हुए सीमा पर वाहन खड़े हैं। (प्रदर्शन करते नेपाली छात्र।)