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बच्चों ने एसपी से पूछा, गंभीर मामलों में बड़े लोगों के प्रभाव में क्यों आ जाती है पुलिस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 13 Dec 2018 03:50 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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एसपी विधानसभा विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि हम मानसिक रूप से परिपक्व नहीं हैं। हम अधिकारों की बात तो करते हैं लेकिन कर्तव्यों की बात नहीं करते। समाज में जो भी गलत हो रहा हो तो उसके विरोध की शुरूआत घर से ही करनी चाहिए। वे बुधवार को महानगर स्थित मोंटफोर्ट इंटर कॉलेज में अमर उजाला की ओर से ‘अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स’ अभियान के अंतर्गत आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे।
पुलिस की पाठशाला
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उन्होंने छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने को कहा। उन्होंने छात्राओं को वो तमाम माध्यम बताए, जिनके सहारे वे अपने खिलाफ हो रहे शोषण की शिकायतें कर सकती हैं। इस दौरान प्रधानाचार्य ब्रदर ज्वॉय थॉमस, समन्वयक पीआर पांडेय और रूमा सान्याल ने भी छात्राओं का मनोबल बढ़ाया।
पुलिस की पाठशाला
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डायल 100 और 1090 में क्या फर्क है
अस्तित्व ने एसपी से पूछा कि डायल 100 और 1090 में विशेष रूप से क्या फर्क है। उन्होंने कहा कि 1090 विशेष रूप से बालिकाओं और महिलाओं की समस्या को लेकर खोला गया है। इसमें शिकायत करने वाले को गोपनीय रखा जाता है। जबकि डायल 100 से कोई भी पुलिस से सहायता मांग सकता है।
अस्तित्व ने एसपी से पूछा कि डायल 100 और 1090 में विशेष रूप से क्या फर्क है। उन्होंने कहा कि 1090 विशेष रूप से बालिकाओं और महिलाओं की समस्या को लेकर खोला गया है। इसमें शिकायत करने वाले को गोपनीय रखा जाता है। जबकि डायल 100 से कोई भी पुलिस से सहायता मांग सकता है।
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अब्बास
- फोटो : amar ujala
महिलाओं की समस्या का जल्द हो निपटारा
अब्बास ने एसपी से पूछा कि डायल 100 होने के बावजूद 1090 विशेष रूप से खोले जाने की आवश्यकता क्यों पड़ी। इस पर उन्होंने कहा कि हमारे देश में महिलाओं को बराबरी का दर्जा दिया जाता है। ऐसे में उनकी समस्याओं का त्वरित निपटारा कराने के लिए यह अलग से सर्विस खोली गई।
अब्बास ने एसपी से पूछा कि डायल 100 होने के बावजूद 1090 विशेष रूप से खोले जाने की आवश्यकता क्यों पड़ी। इस पर उन्होंने कहा कि हमारे देश में महिलाओं को बराबरी का दर्जा दिया जाता है। ऐसे में उनकी समस्याओं का त्वरित निपटारा कराने के लिए यह अलग से सर्विस खोली गई।
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पुलिस की पाठशाला
- फोटो : amar ujala
पुलिस के डर से मदद नहीं करते लोग
हर्षिता ने पूछा कि पुलिस के डर से लोग मदद नहीं करते। जब तक पुलिस आती है तब तक बहुत देर हो जाती है। एसपी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का निर्देश है कि मदद करने वालों को पुलिस परेशान नहीं कर सकती और यदि वह चाहे तो उसकी पहचान भी उजागर नहीं होगी। जागरूकता की कमी है।
हर्षिता ने पूछा कि पुलिस के डर से लोग मदद नहीं करते। जब तक पुलिस आती है तब तक बहुत देर हो जाती है। एसपी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का निर्देश है कि मदद करने वालों को पुलिस परेशान नहीं कर सकती और यदि वह चाहे तो उसकी पहचान भी उजागर नहीं होगी। जागरूकता की कमी है।