‘अमर उजाला’ में दिव्यांग की पिटाई संबंधी खबर हमने सुबह पढ़ी है, मामले में दिव्यांग के कार्यालय आने से पहले ही जानकारी ली थी। दोषी पुलिसकर्मियों पर ऐसी कार्रवाई होगी कि नजीर बनेगी। मैंने एसएसपी से बात की है, वह लखनऊ मीटिंग में हैं, जैसे ही लौटेंगे जांच और कार्रवाई तय हो जाएगी। यह बातें फैजाबाद के डीएम अनिल कुमार पाठक ने पुलिस पिटाई के शिकार हुए पीड़ित दिव्यांग व उसके परिवारीजनों से मीडिया की मौजूदगी में कही।
पुलिस की हैवानियत देख उबल पड़े डीएम, दिव्यांग बोला- उल्टा लिटाकर लाठी-बेल्ट से पीटा
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रात में ही जख्मी युवक जिला अस्पताल गया तो उसे न भर्ती किया गया न इलाज। इमरजेंसी के डॉक्टरों ने पुलिस केस कह हाथ खड़े कर दिए। फिर सुबह दिव्यांग जिला अस्पताल गया, पर इलाज नहीं हुआ। चलने-फिरने में खुद को असमर्थ पाते हुए दिव्यांग वहीं बाहर जमीन पर लेट गया।
दिव्यांग ने डीएम को सुनाई आपबीती तो हो पाया इलाज
डीएम अनिल कुमार पाठक सोमवार को जिला अस्पताल में जांच करने पहुंचे तो उनकी नजर इमरजेंसी के बाहर जमीन पर लेटे पुलिस पिटाई के शिकार दिव्यांग युवक पर पड़ी। पूछताछ कि तो उसने अपना नाम आशीष गुप्ता बताते हुए पुलिस की हैवानियत गिनाई।
अस्पताल में इलाज भी न होने की व्यथा सुनाई। युवक के शरीर के पिछले हिस्से में कमर से लेकर घुटने तक पिटाई से काला व नीला निशान पड़ गया था। डीएम ने तत्काल उसे इमरजेंसी के बेड पर पहुंचवाया। दवा-इलाज के निर्देश दिए।
इसके बाद प्रभारी सीएमएस डॉ. नानक सरन ने उसका मेडिकोलीगल कराया। उधर, पुलिसिया जुल्म की शिकार हुई दिव्यांग की बहन अभी भी जिला अस्पताल में उपचार करवा रही है।
हालत देख किया भर्ती, एक्सरे होगा
जिला अस्पताल में इलाज करने वाले डॉ. एके वर्मा ने बताया कि पुलिस पिटाई से घायल युवक को सिर में भी चोट है। कमर से लेकर घुटने के नीचे शरीर के पिछले हिस्से में चोट अधिक है। नाजुक अंगों पर भी काले निशान पड़ गए हैं। हालत गंभीर देखते हुए भर्ती किया गया है। साथ ही एक्सरे की एडवाइज की गई है। मंगलवार को एक्सरे हो जाएगा।
लाठी-बेल्ट से उल्टा लिटाकर तीन पुलिस कर्मियों ने पीटा
आशीष गुप्ता का पोलियो का ऑपरेशन तीन वर्ष पहले शहर के एक निजी अस्पताल में हुआ था, जिसके चलते वह अभी भी ठीक से चल नहीं पाता है। पुलिसिया जुल्म की रौंगटे खड़ी कर देने वाली आपबीती सुनाते हुए आशीष ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि उनके पुश्तैनी मकान के विवाद में रविवार की सुबह उनकी अपने रिश्तेदारों से बहस हो रही थी, जिस पर विपक्षियों ने उसे मारापीटा। इस दौरान मौके पर पहुंची यूपी-100 टीम के तीन पुलिस कर्मियों ने विपक्षियों की शह पर एक कमरे में बेड पर उलटा लिटाकर उसे लाठी-डंडों और बेल्ट से जमकर पीटा। इस दौरान उसकी बहन दीपिका के साथ भी पुलिस ने हाथापाई की। इसके बाद पुलिस उसे कोतवाली नगर ले आई और यहां भी उसे उल्टा लिटाकर जमकर पीटा गया। पीड़ित के अनुसार, उसे रविवार रात यह कहते हुए छोड़ दिया गया कि इस मामले में वो किसी को कुछ नहीं बताएगा।