खरमास के बाद अब शुक्रास्त भी खत्म हो गया। रविवार से शुभ कामों की शुरुआत होगी। इस साल की पहली लग्न सात फरवरी से है यानी अगले हफ्ते से शुरू हो जाएगा दौर बैंड-बाजा और बारात का। 55 दिनों के लंबे अंतराल के बाद अच्छे दिन शुरू हो रहे हैं।
ज्योतिष: जानें- 2018 में क्या हैं 'परफेक्ट डेट', 55 दिनों के बाद आए 'अच्छे दिन'
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ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि इस बार खरमास व शुक्रास्त के चलते अंतराल लंबा हो गया, इस कारण लग्नें भी कम मिल रही हैं। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि अन्य ज्योतिषीय घटनाओं के चलते साल में फरवरी से दिसंबर तक महज 51 लग्नें ही रहेंगी। जुलाई से दिसंबर तक तो गिनी चुनी लग्नें ही रहेंगी।
किस महीने में किस-किस तारीख को होंगे विवाह
फरवरी माह-- 7, 10, 12, 13, 18, 19, 20, 23, 24, 25 और 28।
मार्च माह-- 2, 3, 5, 6, 7, 8 और 12।
अप्रैल माह-- 14, 18, 19, 20, 26, 27, 28, 29 और 30।
मई माह -- 1, 2, 5, 6, 11 और 12।
जून माह-- 18, 19, 20, 21, 23, 25, 27, 29 और 30।
जुलाई माह-- 5, 6, 9, 10, 11 और 16।
दिसंबर माह-- 10, 15 और 16।
18 फरवरी व 18 अप्रैल की तारीख खास
पूरे साल भर की लग्नों में 18 फरवरी और 18 अप्रैल की तारीखें वर्ष 2018 के संयोग के चलते इस बार खास बनी हैं। तारीखी संयोगों के चलते दोनों ही दिन जबर्दस्त लग्नें मिल रही हैं।
गोमतीनगर निवासी आचार्य प्रदीप ने बताया कि वर्ष 2018 में गुरु की स्थिति बदलने, अधिक मास आने, गुरु के अस्त होने, चातुर्मास तथा धनुर्मास आने के कारण विवाह के मुहूर्त काफी कम मिल रहे हैं। मई-जून में कम लग्नें के बाद 17 जुलाई के बाद से पूरे साल भर में महज गिनती के ही मुहूर्त मिलेंगे।