जी हां, ये वही बाराबंकी है जहां कभी टीकाकरण से बचने के लिए एक गांव के लोग नदी में कूद गए थे। आज जब टीके की अहमियत पता लगी तो सीएचसी बनीकोडर में कोविड वैक्सीन लगवाने के लिए बारिश के दौरान लोगों ने कतार में अपनी जगह सुरक्षित रखने के लिए जूते-चप्पल रखा और किनारे हट गए।
अस्पताल में अनोखी कतार: कभी टीकाकरण से बचने के लिए नदी में कूद गए थे लोग, अब समझ में आई अहमियत, तस्वीरें
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बाराबंकी जिले के रामनगर के सिसौंडा गांव में 22 मई को पहुंची कोरोना टीकाकरण की टीम के सामने स्थिति उस वक्त असहज हो गई, जब कुछ लोग इससे बचने के लिए सरयू नदी में कूद गए। यह देखकर टीम के हाथ-पांव फूल गए।
इस पर मौके पर पहुंचे एसडीएम ने नदी में कूदे लोगों को बुलाकर समझाया था। इसके बावजूद सिर्फ 14 लोगों ने ही टीका लगवाया था जबकि कुछ लोग इससे बचने के लिए नदी किनारे जाकर बैठ गए थे। इसी बीच निरीक्षण पर निकले एसडीएम राजीव कुमार शुक्ला सिसौंडा गांव पहुंचे।
लोगों को समझाने के लिए नोडल अधिकारी सौरभ त्रिपाठी व स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ नदी किनारे पहुंचे। काफी मान मनौव्वल के बाद लोग नदी से बाहर आए और टीका लगवाया था।
वहीं, प्रदेश सरकार ने तय किया है कि उत्तर प्रदेश में अब शनिवार को सिर्फ दूसरी डोज लगाई जाएगी। इसमें सुबह नौ बजे से 11 बजे तक स्लॉट बुक करने वालों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके बाद जिन्होंने बुकिंग नहीं की है, उनका भी टीकाकरण किया जाएगा।
प्रदेश में अगस्त माह में दूसरी डोज लेने वालों की संख्या अधिक है। ऐसे में बूथ पर भीड़ नियंत्रण के लिए नई रणनीति तैयार की गई है। सोमवार से शुक्रवार को पहली डोज के साथ ही दूसरी डोज भी लगाई जाएगी, लेकिन शनिवार को पहली डोज का टीकाकरण नहीं होगा। इस दिन सिर्फ दूसरी डोज वालों का ही टीकाकरण किया जाएगा।
महीने भर पहले तय किया गया था कि शनिवार को कोविड टीकाकरण बंद रहेगा। इस दिन सिर्फ महिलाओं और बच्चों को नियमित टीके लगाए जाएंगे, लेकिन अब इसमें बदलाव करते हुए शनिवार को दूसरी डोज लगाने का फैसला लिया गया है। इसी तरह बुधवार और शनिवार को महिलाओं व बच्चों का टीकाकरण चलता रहेगा।