उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित पीसीएस परीक्षा 2017 में राजधानी के 50 से ज्यादा मेधावियों ने चयनित होकर लखनऊ का नाम रोशन किया है। किसी ने विपरीत परिस्थितियों में सफलता हासिल की है तो फिर किसी ने अपनी मां के सपने को साकार करने के लिए यह लक्ष्य बनाया।
पीसीएस 2017: विपरीत परिस्थितियों में हासिल की सफलता तो किसी ने मां के सपने को किया साकार
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स्वर्गीय मां का सपना किया साकार
मंजरी भारद्वाज ने पीसीएस परीक्षा में चयनित होकर अपनी स्वर्गीय मां का सपना साकार किया है। उनकी मां शशी भारद्वाज का कैंसर की वजह से कुछ साल पहले देहांत हो गया था। राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में शिक्षक पद पर तैनात मंजरी अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता विजय भारद्वाज और बड़ी बहन मयूरी भारद्वाज को देती हैं।
25 लाख का पैकेज छोड़कर सिविल की तैयारी
पीसीएस परीक्षा में जिला कमांडेंट पद पर चयनित हुए हरीशंकर चौधरी ने सिविल सेवा की तैयारी के लिए वर्ष 2016 में नौकरी छोड़ी थी। उस समय उनका पैकेज करीब 25 लाख था। उनके पिता श्याम नारायण चौधरी एसआई हैं और मां श्याम कली चौधरी गृहिणी हैं। हरीशंकर ने बीटेक के साथ ही आईआईएम कोझिकोड़ से एमबीए की पढ़ाई की है।
इटौंजा की कविता बनी बीडीओ
नगर पंचायत इटौंजा के तुर्की गांव की कविता अवस्थी का चयन यूपीपीसीएस में हुआ है। इससे उनके परिवार में खुशी का ठिकाना नहीं है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में इटौंजा का गौरव बढ़ाया है। इनका चयन बीडीओ पद पर हुआ है। उनके चयन से माता नीता अवस्थी व भाई प्रशांत अवस्थी व परिवार के अन्य लोगों में काफी खुशी है। अपनी सफलता वह पिता स्वर्गीय चंद्र प्रकाश अवस्थी को समर्पित करती हैं।
ऑनलाइन कंटेंट का करें उपयोग
लखनऊ में वाणिज्य कर अधिकारी के पद पर काम कर रहे गौरव सिंह ने जेल अधीक्षक पद पर चयनित होकर राजधानी का नाम रोशन किया है। गौरव सिंह के अनुसार ऑनलाइन कंटेंट का उपयोग ज्यादा से ज्यारा करना चाहिए। इससे तैयारी में मदद मिलती है।