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केरल से आए यात्रियों ने बयां की सच्चाई, बोले- बड़ी मुश्किल से हुआ टिकट के पैसे का इंतजाम
Wed, 13 May 2020 05:43 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 13 May 2020 05:43 PM IST
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केरल से यात्री लखनऊ आए और लखनऊ से लोगों को छत्तीसगढ़ भेजा गया।
- फोटो : amar ujala
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केरल से लखनऊ आई ट्रेन से उतरे यात्रियों ने बताया कि उनसे टिकट के पैसे लिए गए, जिसका इंतजाम करने के लिए उन्हें खासी मशक्कत करनी पड़ी। वहीं दूसरी ओर राजधानी से मंगलवार को छत्तीसगढ़ के लिए रवाना की गई ट्रेन के किसी भी यात्री से टिकट के पैसे नहीं लिए गए। इस ट्रेन में 1584 यात्रियों को चढ़ाया गया। यह सभी लोग पिछले एक महीने से लखनऊ में फंसे हुए थे। डीसीपी पश्चिम सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी ने बताया कि इस बात का ध्यान रखा गया कि किसी भी यात्री से ट्रेन में चढ़ने का कोई भी पैसा न लिया जाए। डीएम अभिषेक प्रकाश ने बताया कि इनके अलावा भी बाहरी राज्यों के जो लोग यहां फंसे हैं, उन्हें भेजवाने के सभी इंतजाम किए जा रहे हैं। सभी यात्रियों को खाने के साथ जूस के पैकेट भी दिए गए।
दीपक
- फोटो : amar ujala
खुश दिखे छत्तीसगढ़ जा रहे श्रमिक
यात्री बोले- बहुत अच्छी सुविधा मिली
राजधानी में अभी तक मजदूरी कर रहे दीपक के पास एक भी पैसा नहीं बचा था। छत्तीसगढ़ में भी परिवार के पास खाने को कुछ नहीं है। वहां जाकर कुछ न कुछ इंतजाम करूंगा। यहां पर ट्रेन पर चढ़ने से पहले बहुत अच्छी सुविधा दी गई।
यात्री बोले- बहुत अच्छी सुविधा मिली
राजधानी में अभी तक मजदूरी कर रहे दीपक के पास एक भी पैसा नहीं बचा था। छत्तीसगढ़ में भी परिवार के पास खाने को कुछ नहीं है। वहां जाकर कुछ न कुछ इंतजाम करूंगा। यहां पर ट्रेन पर चढ़ने से पहले बहुत अच्छी सुविधा दी गई।
द्रौपदी।
- फोटो : amar ujala
ट्रेन न चलती तो पैदल ही जाना पड़ता
रतनखंड की रहने वाली द्रौपदी ने बताया कि जो लोग खाना बांटने आते थे, उन्होंने खाना बांटना बंद कर दिया। सरकार अगर ट्रेन न चलाती तो पैदल निकल जाते अपने गांव के लिये। सरकार ने टिकट फ्री कर दिया यही बड़ी बात है।
रतनखंड की रहने वाली द्रौपदी ने बताया कि जो लोग खाना बांटने आते थे, उन्होंने खाना बांटना बंद कर दिया। सरकार अगर ट्रेन न चलाती तो पैदल निकल जाते अपने गांव के लिये। सरकार ने टिकट फ्री कर दिया यही बड़ी बात है।
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रानी
- फोटो : amar ujala
मुफ्त दिए टिकट
जानकीपुरम की तरफ मजदूरी करने वाली रानी का कहना था कि सरकार ने टिकट मुफ्त करवा दी नहीं तो हमारे पास तो घर जाने के लिए भी पैसे नहीं थे।
जानकीपुरम की तरफ मजदूरी करने वाली रानी का कहना था कि सरकार ने टिकट मुफ्त करवा दी नहीं तो हमारे पास तो घर जाने के लिए भी पैसे नहीं थे।
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केरल से आए लोगों को बसों से उनके जिलों को रवाना किया गया।
- फोटो : amar ujala
इधर, छलका केरल से आए यात्रियों का दर्द, बोले- सेठ की मदद से केरल से लखनऊ पहुंची
हरदोई निवासी रामश्री ने बताया कि लॉकडाउन की शुरुआत में सेठ ने खाने का इंतजाम किया। उसके बाद इतने मजदूरों को खाना नहीं दे सकते थे। जहां सुनते थे की खाना बंट रहा, वहीं बच्चे को लेकर दौड़ जाती थी, लेकिन वो भी कुछ दिन बाद बंद हो गया। किसी अधिकारी के पास जाओ तो वो कहता खाना खत्म हो गया। इसके बाद सेठ से उधार लेकर टिकट खरीदा।
हरदोई निवासी रामश्री ने बताया कि लॉकडाउन की शुरुआत में सेठ ने खाने का इंतजाम किया। उसके बाद इतने मजदूरों को खाना नहीं दे सकते थे। जहां सुनते थे की खाना बंट रहा, वहीं बच्चे को लेकर दौड़ जाती थी, लेकिन वो भी कुछ दिन बाद बंद हो गया। किसी अधिकारी के पास जाओ तो वो कहता खाना खत्म हो गया। इसके बाद सेठ से उधार लेकर टिकट खरीदा।