{"_id":"5ea8088d8ebc3e9090614554","slug":"nagar-nigam-employees-are-performing-their-responsibilities-well-during-lockdown-in-lucknow","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"ये कोरोना फाइटर्स फील्ड टीम की मदद के लिए संभाल रहे मोर्चा, 10 किलोमीटर साइकिल चलाकर आते हैं काम पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ये कोरोना फाइटर्स फील्ड टीम की मदद के लिए संभाल रहे मोर्चा, 10 किलोमीटर साइकिल चलाकर आते हैं काम पर
Tue, 28 Apr 2020 08:59 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 28 Apr 2020 08:59 PM IST
विज्ञापन
कोरोना फाइटर्स
- फोटो : amar ujala
कोरोना से जंग में नगर निगम टीम की अहम भूमिका है। सफाई, सैनिटाइजेशन, कम्युनिटी किचन से खाना व राशन वितरण तक में निगम की टीम लगी है। फील्ड में काम कर रही टीमों के अलावा एक ऐसी भी टीम है जो नीव की ईंट की तरह अपनी जिम्मेदारी निभा रही है। यह टीम नगर निगम मुख्यालय में तैनात है और कोरोना से लड़ाई में भरपूर जज्बे से डटी है। कोरोना संक्रमण का डर तो सबको है। परिवार वाले भी चिंतित है, लेकिन इसके बावजूद यह टीम बिना अवकाश लिए फील्ड में जुटी अपनी टीम के सहयोग में लगी है।
Trending Videos
अशोक सिंह।
- फोटो : amar ujala
ऑफिस से लेकर बाहर तक निभा रहे जिम्मेदारी
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी और नगर निगम के प्रवक्ता अशोक सिंह ऑफिस से लेकर बाहर तक का काम देख रहे हैं। वार्डाें में सफाई और सैनिटाइजेशन के अलावा इनके पास सबसे बड़ी जिम्मेदारी उन कर्मचारियों व अधिकारियों की सेवा से जुड़े सरकारी काम और वेतन आदि की है जो कोरोना से जंग में लगे हैं। यही वजह है कि लॉकडाउन में एक भी दिन अवकाश पर नहीं रहे।
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी और नगर निगम के प्रवक्ता अशोक सिंह ऑफिस से लेकर बाहर तक का काम देख रहे हैं। वार्डाें में सफाई और सैनिटाइजेशन के अलावा इनके पास सबसे बड़ी जिम्मेदारी उन कर्मचारियों व अधिकारियों की सेवा से जुड़े सरकारी काम और वेतन आदि की है जो कोरोना से जंग में लगे हैं। यही वजह है कि लॉकडाउन में एक भी दिन अवकाश पर नहीं रहे।
राजू वर्मा अपर नगर आयुक्त अमित कुमार के निजी सचिव हैं
- फोटो : amar ujala
घर वाले तो चिंतित, मगर काम जरूरी
राजू वर्मा अपर नगर आयुक्त अमित कुमार के निजी सचिव हैं। ऐसे में उनकी ड्यूटी का कोई समय नहीं है। लॉकडाउन के बाद से तो अब रविवार को भी छुट्टी नहीं है। राजू कहते हैं कि कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर किए जा रहे कार्यों को लेकर तमाम रिपोर्ट दिनभर तैयार करनी होती हैं। कई बार तो दस-दस मिनट पर रिपोर्ट देनी होती है। कोरोना को लेकर घर वाले तो चिंतित रहते हैं, लेकिन डर को निकालकर काम पर आना होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पवन यादव
- फोटो : amar ujala
कई बार पुलिस ने रोका, पर नहीं हुए परेशान
नगर आयुक्त के निजी सचिव पवन यादव सुबह ऑफिस आते हैं तो रात में कब घर पहुंच पाएंगे कुछ पता नहीं रहता है। आफिस आने-जाने के दौरान कई बार पुलिस की सख्ती का शिकार भी हुए। सभी यही कहते हैं कि जब पुलिस रोक रही है तो क्यों जाते हो। अब उन्हें कौन बताए कि कोरोना को भगाना है तो ऑफिस जाकर जिम्मेदारी तो निभानी ही पड़ेगी।
नगर आयुक्त के निजी सचिव पवन यादव सुबह ऑफिस आते हैं तो रात में कब घर पहुंच पाएंगे कुछ पता नहीं रहता है। आफिस आने-जाने के दौरान कई बार पुलिस की सख्ती का शिकार भी हुए। सभी यही कहते हैं कि जब पुलिस रोक रही है तो क्यों जाते हो। अब उन्हें कौन बताए कि कोरोना को भगाना है तो ऑफिस जाकर जिम्मेदारी तो निभानी ही पड़ेगी।
विज्ञापन
राहुल कनौजिया
- फोटो : amar ujala
हर दिन करनी पड़ रही 10 घंटे की ड्यूटी
फार्म स्टोर इंचार्ज राहुल कनौजिया की जिम्मेदारी लॉकडाउन के बाद से बढ़ गई है। लॉकडाउन में काम पर आने वाले नगर निगम कर्मचारियों के पास बनवाना, उनके वेतन-भत्तों की प्रक्रिया पूरी कराना। समय से वेतन मिल जाए उसके लिए बिल तैयार कराना और उन्हें लेखा विभाग तक भेजना। जो कर्मचारी ड्यूटी पर हैं, उनको कोई समस्या आए तो नगर आयुक्त के आदेश पर उसे दूर कराना। ऐसे में हर दिन 10 घंटे की ड्यूटी करनी पड़ती है।
फार्म स्टोर इंचार्ज राहुल कनौजिया की जिम्मेदारी लॉकडाउन के बाद से बढ़ गई है। लॉकडाउन में काम पर आने वाले नगर निगम कर्मचारियों के पास बनवाना, उनके वेतन-भत्तों की प्रक्रिया पूरी कराना। समय से वेतन मिल जाए उसके लिए बिल तैयार कराना और उन्हें लेखा विभाग तक भेजना। जो कर्मचारी ड्यूटी पर हैं, उनको कोई समस्या आए तो नगर आयुक्त के आदेश पर उसे दूर कराना। ऐसे में हर दिन 10 घंटे की ड्यूटी करनी पड़ती है।