फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

‘खिचड़ी खाता था औरंगजेब, मुस्लिम गोश्त से नीचे बात नहीं करते’

Thu, 04 Jun 2015 01:36 PM IST
Updated Thu, 04 Jun 2015 01:36 PM IST
विज्ञापन

‘खिचड़ी खाता था औरंगजेब, मुस्लिम गोश्त से नीचे बात नहीं करते’

munawwar rana interview with amar ujala

मुनव्वर राना हाल ही में मुम्बई के ब्रीच कैण्डी अस्पताल से मुंह के कैंसर को मात देकर लौटे हैं। उन्होंने लखनऊ में 15 साल बिताए और अब इसे छोड़कर रायबरेली बसने का फैसला किया है। मुनव्वर कहते हैं, मुझे शहर से शिकायत नहीं है। पर, अब मैं रायबरेली जाकर रहूंगा। यहां हुसैनगंज में रह रहे मुनव्वर ने बुधवार को नीरज अम्बुज से की खास बातचीत में परत-दर-परत खोली अपने मन की पीड़ा...

‘खिचड़ी खाता था औरंगजेब, मुस्लिम गोश्त से नीचे बात नहीं करते’

munawwar rana interview with amar ujala

सोचा कि इससे (कैंसर से) भी लड़ लिया जाय, डरा रहा था बहुत दिनों से कैंसर हमको’-ऐसे हालात में इंसान का जमीर सबसे पहले आवाज देता है। दूसरों के साथ की गईं नाइंसाफी व बेईमानी याद आने लगती हैं। गर, जमीर सही है तो डर नहीं लगता। मैं कतई नहीं डरा। मैं उसी हिन्दुस्तान को देखते हुए मरना चाहता था, जिसे देखकर पैदा हुआ हूं। जानें अगले जन्म में कहां पैदा होना चाहते हैं मुनव्वर राना...

‘खिचड़ी खाता था औरंगजेब, मुस्लिम गोश्त से नीचे बात नहीं करते’

munawwar rana interview with amar ujala

ईमानदारी से कहूं तो यहां अच्छा देखने को कुछ बचा नहीं है। सूरदास ने जब कृष्ण को देखने के बाद उनसे आंखें वापस लेने को कहा तो कृष्ण बोले, ऐसा क्यों। तब सूरदास ने कहा-अब अच्छा देखने को कुछ बचा नहीं। वैसे तो इस्लाम में पुनर्जन्म की मान्यता नहीं है। पर, गर ऐसा होता है तो अल्लाह से मनाऊंगा कि पुनर्जन्म हिन्दुस्तान में ही हो। जानें मुस्लिम को लिए क्या बोले मुनव्वर...

विज्ञापन
विज्ञापन

‘खिचड़ी खाता था औरंगजेब, मुस्लिम गोश्त से नीचे बात नहीं करते’

munawwar rana interview with amar ujala

हिन्दुस्तान का दुर्भाग्य है कि इतिहास के सिर्फ उन पन्नों को ही पलटा जाता है, जहां से लोगों की भावनाओं को भड़काया जा सके। शिवाजी व औरंगजेब एक-दूसरे के दुश्मन थे, ये पढ़ाया जाता है। लेकिन शिवाजी की सेना में ओहदेदार मुसलमान थे, ये नहीं जानते। औरंगजेब खिचड़ी खाता था, लेकिन आज के मुसलमान गोश्त से नीचे बात नहीं करते। दरअसल, यहां सच को गुनाह, सच बोलने वाले को नास्तिक माना जाता है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed