सैन्य व असैन्य क्षेत्र में खुलेंगे तरक्की के द्वार, देसी स्टार्टअप को मिला विदेशी कंपनियों का साथ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक्सपो के दौरान 200 से अधिक एमओयू हुए । इसमें अकेले उत्तर प्रदेश के लिए 23 और रक्षा निर्माण क्षेत्र से जुड़ी सरकारी कंपनियों यानी डीपीएसयू ने 120 एमओयू किए। इनमें से कई एमओए नई कंपनियों के साथ किए गए। लॉकहीड, साब, इस्राइल एयरोस्पेस सहित रूस की कंपनियों ने भी भारतीय कंपनियों का साथ दिया और सैन्य उपकरण बनाने के लिए समझौता किया है।
अमेरिका की प्रमुख कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने तीन स्टार्ट अप से समझौते किए हैं। इसमें नैनो टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम करने वाली कर्नाटक की नोपो नैनोटेक्नोलॉजी, विमानों के कारगो ग्राउंड बिल्डअप सिस्टम के लिए आईआईटी मद्रास के एल्युमिनाई के टेरेरो मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड और रोबोटिक्स के क्षेत्र में काम करने वाली कोच्चि की शस्त्र रोबोटिक्स शामिल है।
डीपीएसयू मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड की ओर से आईआईटी मद्रास व प्लानिस कंपनी के साथ मिलकर रिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल (आरओवी) बनाया है। यह पानी के जहाजों के हल को साफ करने का काम करता है। मंझगांव की ओर से सात एमओयू किए गए, जबकि गोवा शिपयार्ड व बीईएल और आयुध निर्माण फैक्टरी की तरफ से भी स्टार्ट अप को सराहने का काम किया गया है। इससे देश को भी प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से काफी फायदा मिलेगा।