लखनऊ के हजरतगंज के गोमती बैराज पर बृहस्पतिवार रात साइकिल से लौट रहे मां-बेटों को बंदरों के झुंड ने दौड़ा लिया। महिला बचने के लिए बैराज की जाली खोलकर अंदर घुसी तो वह गोमती में गिर गई। बेटे ने यह देख छलांग लगा दी।
इसी बीच जानकारी पाकर समतामूलक चौराहे पर तैनात ट्रैफिक दरोगा व नागरिक पुलिस का दीवान दौड़ा। दोनों ने दिलेरी दिखाते हुए आनन फानन में रस्सा मंगवाकर मां-बेटों को सकुशल बाहर निकाल लिया। लोगों ने ट्रैफिक दरोगा-नागरिक पुलिस की बहादुरी की तारीफ की।
पुलिस के मुताबिक, मूल रूप से असम निवासी अशरूद्दीन परिवार संग गोमती नगर के भीखमपुर में झोपड़ी बनाकर रहता है। उसकी पत्नी अदुरा बेगम (40) अपने बेटे साकिब (15) संग बृहस्पतिवार रात मजदूरी करके साइकिल से घर लौट रहे थे। (माजरा देखने के लिए आसपास भीड़ लग गई।)
गोमती बैराज पास बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया। यह देख मां-बेटे रोड पर साइकिल से कूदकर बैराज गेट खोलकर अंदर घुस गए। इसी बीच महिला का संतुलन बिगड़ा और वह गोमती में जा गिरी। महिला को बचाने के लिए बेटे ने भी छलांग लगा दी। इससे वहां पर हड़कंप मच गया। लोगों की वहां भारी भीड़ जुट गई। (महिला व उसके बेटे को बाहर निकालते लोग।)
पूरा ट्रैफिक वहां रेंगने लगा। जानकारी पाकर समतामूलक चौराहे पर तैनात ट्रैफिक दरोगा प्रमोद कुमार तिवारी व वेब चौकी में तैनात दीवान वीरेंद्र कुमार सिंह मौके पर पहुंच गए। पुलिसकर्मियों ने भीड़ को तितर बितर किया। (महिला व उसके बेटे को बाहर निकालते लोग।)