उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से होते हुए वाराणसी जा रही मां अन्नपूर्णा पुनर्स्थापना यात्रा का राजधानी पहुंचने पर शनिवार को जोरदार स्वागत किया गया। प्रदेश के कानून मंत्री ब्रजेश पाठक कानपुर से ही रथयात्रा में शामिल होकर लखनऊ पहुंचे।
कानपुर रोड से सरोजनीनगर में प्रवेश पर राज्य मंत्री स्वाति सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पूजा, अर्चना संग पुष्प वर्षा की। इसके बाद शहर के विभिन्न स्थानों पर प्रदेश सरकार के मंत्री आशुतोष टंडन व महापौर संयुक्ता भाटिया के अलावा विधायकों व भाजपा कार्यकर्ताओं ने यात्रा की अगुवानी की।
इसके साथ ही यात्रा पॉलीटेक्निक चौराहा से बाराबंकी होते हुए अयोध्या के लिए रवाना हो गई। इस यात्रा में वह मां अन्नपूर्णा देवी की वह मूर्ति लाई जा रही है, जो करीब सौ बरस पहले चोरी के बाद कनाडा पहुंच गई थी। बाद में भारत सरकार के प्रयास से वह मूर्ति वापस आई है।
यह यात्रा अयोध्या में रात को रुकने के बाद सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, जौनपुर से होकर 14 नवंबर को वाराणसी पहुंचेगी। वहां 15 नवंबर को एकादशी के दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा करेंगे।
स्वागत के इंतजार में दोपहर से शाम तक डटे रहे लोग
राजधानी में मां अन्नपूर्णा के दर्शन के लिए दोपहर से अलग-अलग चौराहों पर स्वागत के लिए भाजपा कार्यकर्ता व स्थानीय लोग जुटे थे। लेकिन जगह-जगह पूजा-अर्चना के कारण यात्रा करीब चार घंटे देर से शहर में पहुंची। ऐसे में लोग देर शाम तक डटे रहे।
यात्रा के दौरान कानून मंत्री ब्रजेश पाठक खुद रथ से प्रसाद वितरित करते रहे। कैंट विधानसभा में कृष्णा नगर मेट्रो स्टेशन, संत निरंकारी भवन, आलमबाग चौराहा व मवैया चौराहा पर क्षेत्रीय विधायक सुरेश चंद्र तिवारी, महापौर संयुक्ता भाटिया ने स्वागत किया और उसके बाद वह भी रथ यात्रा में शामिल हो गए।
बर्लिंग्टन चौराहे पर स्वागत के बाद रथ भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचा तो प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल, लखनऊ प्रभारी प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ला व विधायक डॉक्टर नीरज बोरा ने ढोल, बाजे के साथ पुष्प वर्षा के बीच यात्रा का स्वागत किया। इसके बाद हजरतगंज हनुमान मंदिर के पास घंटा घड़ियाल, ढोल व शंखनाद के साथ स्वागत हुआ।
यहां नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन और महानगर अध्यक्ष मुकेश शर्मा मौजूद रहे। मंत्रोचार के साथ पूजन अर्चन व आरती की गई। हनुमान मंदिर के बाद रथ यात्रा राजीव चौक, 1090 चौराहा, समता मूलक चौराहा व लोहिया चौराहा होते हुए पॉलीटेक्निक चौराहा पहुंची। वहां मंत्री आशुतोष टंडन भी मौजूद रहे। इसके बाद कमता चौराहा, चिनहट के रास्ते यात्रा अयोध्या चली गई।