फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

बच्चे भूख से बिलबिलाते तो कलेजा फट जाता था, कोरोना ने दिया कभी न भूलने वाला दर्द, देखें तस्वीरें

Sun, 24 May 2020 11:07 AM IST
शाहरुख खान पंकज विश्वकर्मा, अमर उजाला, लखनऊ
पंकज विश्वकर्मा, अमर उजाला, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 24 May 2020 11:07 AM IST
विज्ञापन
Migrant laborers says Corona gave unbearable pain see photos
घरों को लौटते प्रवासी - फोटो : PTI
लॉकडाउन की दिक्कतों ने मजदूरों का मनोबल तोड़ दिया है। अधिकतर प्रवासी मजदूरों का कहना है कि अब अपने गृह राज्य के अलावा कहीं काम नहीं करेंगे। महाराष्ट्र, पंजाब, दिल्ली और हरियाणा की कुछ कंपनियों के ठेकेदारों ने जो दर्द दिया है उसे भूल पाना आसान नहीं है। इन मजदूरों को पुनर्वास विवि में बनाए गए अस्थाई शेल्टर होम से शनिवार को यूपी के जिलों के लोगों को बसों से उनके गृह जिलों में भेजा गया। 

 
Migrant laborers says Corona gave unbearable pain see photos
घरों को लौटते प्रवासी - फोटो : PTI
बहराइच निवासी उमा ने बताया कि पुणे में एक कंपनी में पति के साथ मजदूरी करती थी। लॉकडाउन में काम बंद हुआ तो मालिक ने पैसे देने से मना कर दिया। बच्चों को लेकर पैदल ही बहराइच के लिए निकल लिए।
 
Migrant laborers says Corona gave unbearable pain see photos
migrant people - फोटो : अमर उजाला।
उमा कहती हैं कि रास्ते में हर कदम पर जो दर्द मिला है, उसे बयां नहीं किया जा सकता। दो छोटे बच्चे जब भूख से बिलबिलाते थे तो कलेजा फट जाता था। तीन-तीन दिन भूखे रहकर समय काटा अब अपने यूपी में ही काम करेंगे। यहां भूखे तो नहीं मरेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Migrant laborers says Corona gave unbearable pain see photos
migrant people - फोटो : अमर उजाला।
नहीं मिली मददः गोरखपुर निवासी रामू, अमन, रामदेव, सोनू और अन्य लोगों ने बताया कि वह पंजाब में काम करते थे। ई-पास के लिए आवेदन किया, सरकार से ट्विटर व अन्य माध्यमों से गुहार लगाई गई, लेकिन कुछ नहीं हुआ, जिसके पास गए उसने भगा दिया। 
 
विज्ञापन
Migrant laborers says Corona gave unbearable pain see photos
प्रतीकात्मक तस्वीर
श्रमिकों को बांटा भोजन
नॉर्दन रेलवे मेन्स यूनियन ने चारबाग स्टेशन पर स्पेशल ट्रेन के 1600 यात्रियों को भोजन व मास्क दिए। करीब 36 कुलियों को 1000-1000 रुपये दिए गए। ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन के महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा ने बताया कि स्पेशल ट्रेनों से मजदूरों को घर लाने का प्रयास अच्छा है। 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed