बसपा सुप्रीमो मायावती ने राष्ट्रीय अधिवेशन में अपने स्वास्थ्य का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया ‘मध्यप्रदेश में एक कार्यक्रम के दौरान मेरे घुटने में चोट आ गई। इस कारण काफी दिक्कत हो रही है। डॉ. तो ऑपरेशन के लिए कह रहे थे लेकिन मैंने सिकाई व दवाई से काफी हद तक ठीक कर लिया है। पर, लंबे समय तक राजनीति करने के लिए मेरे स्वास्थ्य को ठीक रखना काफी कुछ आप लोगों पर निर्भर है।’
बसपा कार्यकर्ताओं से बोलीं मायावती, मेरे घुटने में चोट है, आप सब ज्यादा सहयोग करें
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वहीं, कर्नाटक में जिस तरह सपा मुखिया अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती साथ-साथ गर्मजोशी से साथ-साथ नजर आए थे, उससे उम्मीद जताई जा रही थी कि मायावती 28 मई को कैराना लोकसभा व नूरपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले अपने समर्थकों को भाजपा विरोधी दलों के प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान का एलान कर देंगी। लेकिन मायावती ने पुराना स्टैंड कायम रखते हुए इस संबंध में कुछ नहीं कहा।
मायावती ने स्पष्ट किया है कि बसपा किसी भी राज्य में व किसी भी चुनाव में, किसी भी पार्टी के साथ केवल ‘सम्मानजनक’ सीटें मिलने की स्थिति में ही चुनावी गठबंधन करेगी अन्यथा अकेले ही चुनाव लड़ना ज्यादा बेहतर समझती है। हालांकि उन्होंने कहा कि यूपी सहित कई राज्यों में गठबंधन करके चुनाव लड़ने की बात चल रही है। मायावती ने देश भर के पदाधिकारियों को अपने-अपने प्रदेश में पार्टी संगठन को हर स्तर पर तैयार करने का निर्देश दिया।
मोदी सरकार विफल, उलटी गिनती शुरू : मायावती
बसपा सुप्रीमो मायावती ने आरोप लगाया है कि केंद्र की मोदी सरकार चार साल के कार्यकाल में ऐतिहासिक तौर पर नाकाम साबित हुई है। इस सरकार की उलटी गिनती शुरू हो गई है। यहां बसपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से पहले मायावती ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, भाजपा व प्रधानमंत्री मोदी अपने हर काम को ऐतिहासिक बताते रहते हैं। शायद यही कारण है कि इनके कार्यकाल में पेट्रोल व डीजल की कीमत इतना ज्यादा बढ़ गई है कि जनता तड़प उठी है।
उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम करे वर्ना बसपा पूरे देश में आन्दोलन व धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होगी।
उन्होंने कहा, मोदी सरकार की गलत आर्थिक नीतियों और नोटबंदी व जीएसटी जैसे अपरिपक्व फैसलों से देश में गरीबी, महंगाई व बेरोजगारी ऐतिहासिक रूप से बढ़ी है। यह सरकार हर स्तर पर सफेद झूठ बोलने वाली साबित हुई है। भाजपा का राज जंगलराज बन गया है। मोदी ने विपक्षी पार्टियों को कमजोर करने के लिए सरकारी मशीनरी का खूब दुरुपयोग किया है। ऐसी स्थिति में सरकार को चार वर्ष पूरा होने पर जश्न मनाने और उस पर अरबों-खरबों रुपये खर्च करने का कोई अधिकार नहीं है।