हसनगंज इलाके में एक छोटी सी दुकान की छत पर कब्जे के झगड़े में दबंग युवक ने अपनी पत्नी, साले व ससुर की मदद से चचेरे साले संतोष कुमार शर्मा की जान ले ली। आक्रोशित परिवारीजनों ने सोमवार सुबह मुख्य आरोपी की पत्नी की दुकान का ताला तोड़कर सामान सड़क पर फेंका और इलाके के लोगों की मदद से डालीगंज तांगा-इक्का स्टैंड पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया।
इससे इलाके की ट्रैफिक व्यवस्था तीन घंटे ध्वस्त रही। चार थानों की पुलिस के साथ पीएसी बुलानी पड़ी। एडीएम व एएसपी ट्रांसगोमती ने मुआवजे व आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन देकर प्रदर्शन खत्म कराया। (इनसेट में मृतक की तस्वीर।)
एसओ हसनगंज दिनेश सिंह ने बताया कि मोहल्ला बादशाहजी बाग निवासी संतोष कुमार शर्मा (38) की लोहा मंडी में हार्डवेयर की दुकान है। उसके पास में ताऊ सुंदरलाल व चाचा विष्णु नारायण शर्मा की दुकानें हैं। विष्णु की दुकान की छत पर उसके दामाद हरीश ने घर बनाया और पत्नी अनीता के साथ रह रहा था। उसने पास में स्थित संतोष की दुकान की छत पर भी कब्जा कर रखा था। संतोष कब्जा हटाने को कह रहा था।
इसे लेकर चार दिन पहले दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। संतोष रविवार शाम अपनी मां सरोजनी के साथ दुकान की छत पर पहुंचा और हरीश का सामान हटाने लगा। आरोप है कि हरीश ने अपनी पत्नी अनीता, सुसर विष्णु नारायण, साले अनिल उर्फ बबलू व कुछ साथियों की मदद से गालीगलौज की। हमलावरों ने लाठी-डंडे व हाकी से संतोष और सरोजनी की पिटाई शुरू कर दी।
इस दौरान हरीश ने सरोजनी पर बेलचा से हमला किया जो पास में खड़े संतोष के सिर पर जा लगा। वह खून से लथपथ होकर गिर गया। आसपास के लोगों ने पुलिस को कॉल की। इस बीच हमलावर भाग निकले। पुलिस ने जानलेवा हमले का केस दर्ज करके संतोष को ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, जहां सोमवार सुबह उसकी मौत हो गई।