लखनऊ के इटौंजा क्षेत्र में टैम्पो चालक जयनारायण सिंह (45) ने गृहकलह के चलते शनिवार सुबह अपनी पत्नी सावित्री की पिटाई के बाद केरोसिन उड़ेलकर आग लगा दी। इस दौरान खुद भी आग की चपेट में आ गया।
लपटों से घिरी पत्नी को चीखते देख घर से भागा और कुछ दूर स्थित बाग में जाकर फांसी लगा ली। पड़ोसियों ने बुरी तरह झुलसी महिला को अस्पताल पहुंचाया और पति का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। दंपती के झगड़े में चार बच्चे अनाथ हो गए। (जयनारायण सिंह व सावित्री।)
एसओ इटौंजा महेंद्र यादव ने बताया कि गांव रायपुर राजा निवासी टैम्पो चालक जयनारायण सिंह का गृहकलह के चलते शनिवार सुबह अपनी पत्नी सावित्री उर्फ संतोष (40) से झगड़ा हो गया।
तीन बेटों अभिनव, शिवा, शिवांकित व बेटी आंचल के स्कूल जाने के बाद कहासुनी इतनी बढ़ी कि जयनारायण ने संतोष की पिटाई की और बाल पकड़कर घसीटते हुए गैस चूल्हे के पास ले जाकर जलाने की कोशिश की। चीखपुकार पर पहुंचे पड़ोसियों ने झगड़ा शांत कराया और चले गए।
इसके बाद जयनारायण ने रो रही संतोष पर केरोसिन उड़ेला और आग लगा दी। इस दौरान जयनारायण के कपड़ों पर भी केरोसिन गिरा और खुद भी आग की चपेट में आ गया। लपटों से घिरी संतोष शोर मचाते हुए बाहर की तरफ दौड़ी और गिर गई। इस बीच जयनारायण भाग निकला।