लखनऊ के जानकीपुरम के सुल्तानपुर गांव निवासी नलकूप जेई शैलेंद्र कुमार, उसकी पत्नी गीता और बेटी प्राची के खुदकुशी के मामले में पुलिस ने तीन को हिरासत में लिया था। तीनों आरोपियों के खिलाफ सुबूत नहीं मिले हैं। इसके बाद पुलिस ने तीनों को हिदायत देकर छोड़ दिया। उनसे सारे दस्तावेज और बैंक खातों की डिटेल लेकर दोबारा बुलाया है। एडीसीपी उत्तरी अनिल यादव के मुताबिक, खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप में पुलिस ने शैलेंद्र श्रीवास्तव, मोबीन और नरेंद्र प्रताप सिंह को हिरासत में लिया था। लंबी पूछताछ के बाद भी तीनों के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपियों से जेई शैलेंद्र ने जमीन बेचने के नाम पर उनसे रुपये लिए थे। बाद में जमीन विवादित निकली तो उन लोगों ने जमीन खरीदने से मना कर दिया। इसके बाद वह लोग शैलेंद्र से अपने रुपये मांग रहे थे।
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Lucknow Suicide case
- फोटो : अमर उजाला
जेई और उनके परिवार के लोगों की आत्महत्या के मामले में चौथे आरोपित संतोष का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। पड़ताल में सामने आया कि संतोष दिव्यांग है। संतोष के कुछ जानने वालों ने पुलिस से संपर्क भी किया और बताया कि संतोष के माध्यम से जेई शैलेंद्र को नलकूप विभाग में नौकरी लगवाने के नाम पर रुपये दिए गए थे।
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मृतक का फाइल फोटो
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जेई व उसकी पत्नी के खातों में मिले 90 लाख से ज्यादा
पुलिस की पड़ताल में जेई शैलेंद्र व उसकी पत्नी गीता के नाम से चार बैंक खातों की जानकारी मिली है। पुलिस के मुताबिक, इन खातों में तकरीबन 90 लाख रुपये जमा होने की बात सामने आई है।
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Lucknow Suicide case
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने बैंक अधिकारियों को पत्र भेजकर लेनदेन का ब्योरा मांगा है। ताकि यह पता चल सके कि यह रकम कहां से आई? किसने इतनी बड़ी रकम जेई और उसकी पत्नी के खाते में जमा कराई।
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मौके पर जमा लोग
- फोटो : ट्विटर
एडीसीपी के मुताबिक, मौके से मिले सुसाइड नोट पुलिस के पास ही हैं। घर में मौजूद डायरी और अन्य जगहों से जेई शैलेंद्र और उनकी लिखावट के नमूने लेकर हैंड राइटिंग का मिलान फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है।