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बैंक चोरी मामले में नया खुलासा: इन पांच खास सिम का इस्तेमाल, रोज उपयोग वाले नंबर कर दिए थे बंद; पूरी कहानी
Wed, 25 Dec 2024 08:55 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 25 Dec 2024 08:55 AM IST
सार
इंडियन ओवरसीज बैंक में चोरी का मामले में नया खुलासा हुआ है। गिरोह ने रोजाना इस्तेमाल किए जाने वाले मोबाइल फोन कर स्विच ऑफ रखे थे। गिरोह ने वारदात में पांच खास सिम का इस्तेमाल किया था।
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Lucknow Overseas Bank robbery
- फोटो : अमर उजाला
लखनऊ में इंडियन ओवरसीज बैंक के 42 लॉकरों की काटकर करोडों के जेवरात और नकदी पार करने वाले गिरोह ने पुलिस को चकमा देने के लिए हर तैयारी की थी। गिरोह वारदात के दौरान खास पांच सिम का इस्तेमाल कर रहा था। इन नंबरों का इस्तेमाल गिरोह वारदात के दौरान ही करता और उसके बाद बंद कर देता था।
Lucknow Overseas Bank robbery case
- फोटो : अमर उजाला
कौन बाहर की हरकत पर नजर रखेगा, कौन-कौन अंदर जाएगा, कौन लॉकर काटेगा, सब पहले से तय था। लगने वाले वक्त को देखते हुए बाहर की टोली से संपर्क में रहने के लिए उन्हीं खास पांच सिम का इस्तेमाल किया।
सातों बदमाशों ने रोजाना इस्तेमाल होने वाले अपने-अपने मोबाइल फोन स्विच ऑफ करके रख दिए थे। वारदात से पहले दूसरे नंबरों को ऑन किया गया। इसी से वे आपस में बात कर रहे थे। पांचों मोबाइल को वारदात के बाद स्विच ऑफ करना था। तीन मोबाइल फोन तो स्विच ऑफ कर दिए गए, लेकिन दो को ऑफ करना भूल गए।
सातों बदमाशों ने रोजाना इस्तेमाल होने वाले अपने-अपने मोबाइल फोन स्विच ऑफ करके रख दिए थे। वारदात से पहले दूसरे नंबरों को ऑन किया गया। इसी से वे आपस में बात कर रहे थे। पांचों मोबाइल को वारदात के बाद स्विच ऑफ करना था। तीन मोबाइल फोन तो स्विच ऑफ कर दिए गए, लेकिन दो को ऑफ करना भूल गए।
चोरों से बरामद सामान
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने सर्विलांस की मदद से वारदात के वक्त बैंक के आसपास सक्रिय रहे मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटाई। उस दौरान सक्रिय रहे दो मोबाइल नंबर ऑन थे। इनकी लोकेशन ट्रेस करती हुई पुलिस गिरोह तक पहुंच गई।
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घटना का खुलासा करते पुलिस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
इसी अंदाज में करते थे वारदात
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरोह ने इसके पहले जितनी वारदात अंजाम दी, उन सभी में यही तरीका अपनाया था, जिस सिम का वो रोजाना इस्तेमाल करते थे, उसको बंद कर अस्थायी नंबर चालू करते। वारदात के बाद उन नंबरों को बंद कर दिया जाता, ताकि वे ट्रेस न हो सकें। पूछताछ में भी गिरफ्तार आरोपियों ने यह कुबूल किया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरोह ने इसके पहले जितनी वारदात अंजाम दी, उन सभी में यही तरीका अपनाया था, जिस सिम का वो रोजाना इस्तेमाल करते थे, उसको बंद कर अस्थायी नंबर चालू करते। वारदात के बाद उन नंबरों को बंद कर दिया जाता, ताकि वे ट्रेस न हो सकें। पूछताछ में भी गिरफ्तार आरोपियों ने यह कुबूल किया।
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बैंक के अंदर बात करता चोर
- फोटो : अमर उजाला
गाजीपुर के एक ढाबे पर खाया था खाना
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी गाजीपुर जिला पहुंच गए थे। यहां से सभी बिहार जाने वाले थे। जिले के एक ढाबे पर सभी ने खाना खाया था। इसके बाद वे अलग-अलग हो गए। पुलिस के पीछे लगे होने की आशंका पर तीन-चार बदमाश लखनऊ आ गए। चूंकि सर्विलांस टीम को उनकी लोकेशन मिल रही थी, इसलिए मुठभेड़ में ये दबोच लिए गए।
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी गाजीपुर जिला पहुंच गए थे। यहां से सभी बिहार जाने वाले थे। जिले के एक ढाबे पर सभी ने खाना खाया था। इसके बाद वे अलग-अलग हो गए। पुलिस के पीछे लगे होने की आशंका पर तीन-चार बदमाश लखनऊ आ गए। चूंकि सर्विलांस टीम को उनकी लोकेशन मिल रही थी, इसलिए मुठभेड़ में ये दबोच लिए गए।