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बेटियों को लखनऊ मेट्रो की स्टेयरिंग संभालते देख सीएम रह गए सरप्राइज्ड, तस्वीरें

Sat, 03 Dec 2016 02:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 03 Dec 2016 02:37 AM IST
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lucknow metro pilots.

एक दिसंबर की तारीख लखनऊ मेट्रो के लिए दो वजहों से ऐतिहासिक बन गई। पहला तो यह कि रिकॉर्ड समय में मेट्रो का ट्रायल शुरू हुआ और दूसरा ट्रेन संचालन के लिए दो युवतियों प्राची और प्रतिभा को पायलट चुना गया।

lucknow metro pilots.

वह क्षण सुखद और गौरवान्‍वित करने वाला था, जब इन युवतियों को ट्रेन की चाबी खुद सांसद डिंपल यादव ने सौंपी। जब महिला पायलट 15 किमी. की रफ्तार से डिपो के अंदर रैंप से होते हुए ट्रांसपोर्टनगर स्टेशन तक मेट्रो को ले जा रही थीं, उन्हें देख खुद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आश्चर्यचकित रह गए।

lucknow metro pilots.

नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के प्राथमिकता वाले सेक्शन में ट्रांसपोर्टनगर से मवैया स्टेशन के बीच ट्रेन चलाने के बाद युवतियों ने कहा कि पुरुषों के वर्चस्व वाले इस काम को करना उनके लिए गौरव की बात है।

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कुछ अलग करना चाहती थी, मेट्रो चलाना सुखद
लखनऊ मेट्रो की महिला पायलट प्राची ने कहा मैं मूलत: मिर्जापुर की रहने वाली हूं। इलाहाबाद के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड रूरल टेक्नोलॉजी (आईईआरटी) से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया है। ग्रेजुएशन करने के बाद नौ जून को एलएमआरसी में ट्रेनिंग शुरू हुई। मेरी मेहनत अब रंग लाई है। कतई उम्मीद नहीं थी कि पहली मेट्रो ट्रेन चलाने का मौका मुझे मिलेगा। मैं हमेशा से ही दूसरों से अलग करना चाहती थी। मौका मिला तो मेट्रो में ट्रेन कंट्रोलर कम ट्रेन ऑपरेटर्स केलिए आवेदन कर दिया। यह मेरा सौभाग्य है कि लखनऊ मेट्रो के ऐतिहासिक पलों की गवाह बन सकी हूं।

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lucknow metro pilots.

हर काम करने में महिलाएं सक्षम
वहीं, पायलट प्रतिभा का कहना है कि इलाहाबाद मेरा जन्म स्थान है। प्राची के बैच में ही मेरा भी चयन हुआ। नौ जून को ही ट्रांसपोर्टनगर डिपो स्थित सेंटर फॉर एक्सीलेंस में मेरी ट्रेनिंग शुरू हुई। बरेली के एसआरएमएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है। अभी तक ट्रेन चलाने को पुरुषों का ही काम माना जाता था। अब लग रहा है कि महिलाएं भी किसी से कम नहीं हैं। एक बार फिर साबित हो गया कि महिलाएं हर काम करने में सक्षम हैं।

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