फिल्म पद्मावती की रिलीज डेट को टाल दिया गया है लेकिन इससे जुड़े विवाद कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। वहीं, बयानों ने भी लगातार आग में घी डालने का काम किया है। अभी हाल ही में लखनऊ आए मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने राजपूतों को अंग्रेजों को गुलामी करने वाला करार दिया और कहा कि वो अंग्रेजों के दरबार में 200 साल तक गुलामी करते रहे और अब प्रतिष्ठा की बात करते हैं।
पद्मावती विवाद का लखनऊ कनेक्शन, जावेद जमकर बरसे तो शबाना ने फेंक दिया था माइक
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निर्माता की सफाई, बेहतर ढंग से दिखाई गई राजपूतों की वीरता, मर्यादा और परंपराएं
वहीं, विवाद बढ़ता देख फिल्म की रिलीज को कुछ समय के लिए टाल दिया गया है। फिल्म की निर्माता कंपनी के प्रवक्ता ने सफाई देते हुए दावा किया था कि इस फिल्म में राजपूतो की वीरता, मर्यादा और परंपराओं को बेहतर ढंग से दिखाया गया है। इसके बावजूद फिल्म पर विवाद कम नहीं हुआ और लगातार दिये जा रहे बयानों ने विवाद को और ज्यादा बढ़ा दिया है।
अभी तक मामले में चुप्पी साधे रहे यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी कहा कि अगर दीपिका का सिर काटने वाले को 10 करोड़ का इनाम देने की बात गलत है तो किसी भी समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाना भी गलत है। इस मामले में फिल्म से जुड़े लोगों को भी सजा मिलनी चाहिए।
सीएम योगी ने यह प्रतिक्रिया हरियाणा के बीजेपी नेता कुंवर सूरजपाल सिंह अम्मू के बयान पर दी। जिन्होंने ऐलान किया था कि फिल्म के निर्देशक संजय लीला भंसाली और अभिनेत्री दीपिका पादुकोण का 'सिर काटने' वाले को 10 करोड़ रुपए इनाम दिया जाएगा।
योगी के अलावा, सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे आजम खां ने भी इस मसले पर टिप्पणी की रामपुर में एक सभा को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा, 'हम 40 साल से कह रहे हैं कि राजा-महराजा अंग्रेजों के दलाल थे। जो लोग अंग्रेजों के दलाल थे वही आज फिल्म का विरोध कर रहे हैं।' आजम ने लोगों को मुगल-ए-आजम फिल्म की याद दिलाते हुए कहा एक फिल्म आई थी मुगल-ए-आजम। जिसमें अनारकली को अकबर के बेटे की महबूबा दिखाया गया था। बाप को बेटे के सामने युद्घ के मैदान में खड़ा किया गया। इसका हकीकत से कोई वास्ता नहीं है। मुसलमानों ने कभी इसका विरोध नहीं किया, क्योंकि मुसलमानों का दिल इतना छोटा नहीं कि एक फिल्म उनके इतिहास को खराब कर दे।
राजस्थान, मध्य प्रदेश और पंजाब के मुख्यमंत्रियों ने भी फिल्म का विरोध किया है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तो फिल्म को राज्य में रिलीज न करने का ऐलान कर दिया। उन्होंने पद्मावती को 'राष्ट्रमाता' तक की संज्ञा दे डाली। देश के इतिहास में संभवत: यह पहला मौका है जब चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों (उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान व पंजाब) ने किसी फिल्म को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी।
इसके पहले भी धार्मिक भावनाओं के आहत होने की बात कहकर फिल्मों का विरोध हुआ है लेकिन इतना ज्यादा हल्ला कभी नहीं हुआ।