त्योहार का उत्साह देखना हो तो उनका देखिए जो पहली बार रखेंगी व्रत। शादी के बाद ये उनका पहला करवाचौथ है। तैयारी ऐसी है कि साज-संवार और पूजा-पाठ में कोई कमी नहीं रह जाए। हालांकि इनमें से कुछ ऐसी भी हैं, जो शादी से पहले व्रत के नाम से ही दूर भागती थीं। वे पिछले एक हफ्ते से खुद की ही काउंसलिंग कर रही हैं। लखनऊ अमर उजाला से साझा कि अपनी खुशियां...।
पहले करवाचौथ पर इनका उत्साह देखते ही बनता है, कहती हैं सजना है मुझे दुल्हन की तरह
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ठाकुरगंज निवासी ज्योति यादव की शादी मई में हुई। कहती हैं कि मां-ताई को व्रत करते देखा है। शादी के बाद हर लड़की रखती है। मैं भी खुश हूं कि मैं करवाचौथ का व्रत रखूंगी। साज-शृंगार तो हर किसी को अच्छा लगता है।
वर्चुअल वर्ल्ड में मनाएंगे त्योहार
निरालानगर निवासी आरती वर्मा कहती हैं कि मेरी शादी फरवरी में हुई। पति तुषार इस वक्त नैरोबी में हैं। हां, शादी के बाद पहली बार ये त्योहार आया है, थोड़ा सा दुखी भी हूं, पर प्रैक्टिकल लाइफ से वाकिफ भी हूं। व्रत रखूंगी क्योंकि मेरी तीज-त्योहारों में पूरी आस्था है। तुषार अब दिवाली में ही आएंगे, ये भी जानती हूं। दिल को लेकिन इंतजार रहेगा, फिलहाल वीडियो कॉल के जरिए वर्चुअल वर्ल्ड में पूरा होगा हमारा व्रत। - आरती वर्मा
नेवाजगंज निवासी मेधा की शादी पिछले साल नवंबर में हुई थी। कहती हैं कि मम्मी को व्रत रखते, संजते-संवरते देखती थी। कल मेरी बारी है। मैंने एक बार फिर से दुल्हन की तरह सजने की पूरी तैयारी की है। सरगी में मुझे ढेर सारे गिफ्ट भी मिले हैं। हां, निर्जल व्रत है, पर कोई बात नहीं पति के लिए इतना तो करना ही चाहिए। - मेधा अग्रवाल
त्रिवेणीनगर निवासी शिल्पी यादव कहती हैं कि मेरी शादी फरवरी में हुई। पति हरदोई में तैनात हैं, कल हम लोग साथ होंगे। पति के लिए सरप्राइज गिफ्ट है। उत्साह तो है ही पर एक डर सा है मन में। दरअसल मैंने कभी कोई व्रत रखा ही नहीं। हमेशा दूर-दूर भागती थी। अब एकदम से निर्जल व्रत रखना होगा। मेरी धुकधुकी बढ़ी हुई है, पर रख लूंगी ऐसा यकीन है। - शिल्पी यादव