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महिलाओं में है खून की कमी तो रखें इन बातों का ध्यान, नहीं तो हो सकते हैं गंभीर परिणाम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 26 Sep 2018 04:37 PM IST
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महिलाओं में अगर खून की कमी होती है तो सिर्फ आयरन लेने से इसकी पूर्ति नहीं हो सकती। इसके लिए उतनी ही मात्रा में प्रोटीन लेना भी जरूरी है। इसके लिए महिलाओं को शुरुआत से ही आयरन व प्रोटीन युक्त पदार्थों का सेवन शुरू कर देना चाहिए ताकि प्रसव के समय आने वाली जटिलताओं से बचा जा सके।
डफरिन अस्पताल की कार्यशाला में मौजूद प्रतिभागी
- फोटो : amar ujala
इसके अलावा खाने के तुरंत बाद आयरन की टैबलेट लेने से बचें। खाने से पहले या खाने के दो घंटे बाद ही आयन की गोली लें। यह जानकारी सीएमएस डॉ. लिली सिंह ने दी। वह मंगलवार को राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत गोलागंज स्थित वीरांगना अवंतीबाई (डफरिन) महिला अस्पताल में आयोजित कार्यशाला में बोल रही थी।
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एसआईसी स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरा जैन ने कहा कि गर्भवती महिलाओं में हीमोग्लोबिन और पोषण तत्वों की कमी बढ़ती जा रही है। इसका बड़ा कारण सही डाइट का न लेना है। अधिकतर गर्भवती महिलाओं को जानकारी तक नहीं होती कि उन्हें गर्भावस्था के दौरान कैसी डाइट लेनी चाहिए। यही कारण है कि उनमें एनीमिया (खून की कमी) की समस्या बढ़ती जा रही है। अस्पताल में आने वाली हर दूसरी गर्भवती एनीमिया की समस्या से जूझ रही है।
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उन्होंने बताया कि गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था में लेने के लिए सही पोषण और संपूर्ण आहार की जानकारी मिल सके इसके लिए अस्पताल में आहार विशेषज्ञ को नियुक्त किया गया है। इनके द्वारा अस्पताल के भोजनालय में विशेष आहार चार्ट बनाकर भेजा जाता है। इससे अस्पताल में भर्ती गर्भवती महिलाओं को उनकी जरूरत के हिसाब से डाइट दी जाएगी। इसके अलावा ओपीडी में आने वाली महिलाआें को अलग-अलग श्रेणी में बांट कर उनकी डाइट तय की जाएगी।
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बच्चों के सही पोषण के लिए दें घर का खाना
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सलमान खान ने बताया कि बच्चों को डिब्बा बंद खाद्य सामग्री खाने को न दें। नवजात शिशु को छह माह तक केवल मां का दूध ही दें। छह माह बाद मां के दूध के साथ दालें भी देना शुरू करें। उन्होंने बताया कि बच्चों को सात रंगों के खाने में से दिन में चार रंगों का खाना जरूर खिलाएं। बच्चे को बाहर का खाना देने के बजाए दाल, फ ल, रोटी व सब्जी दें। बच्चों को नॉनवेज साल भर बाद ही देना चाहिए।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सलमान खान ने बताया कि बच्चों को डिब्बा बंद खाद्य सामग्री खाने को न दें। नवजात शिशु को छह माह तक केवल मां का दूध ही दें। छह माह बाद मां के दूध के साथ दालें भी देना शुरू करें। उन्होंने बताया कि बच्चों को सात रंगों के खाने में से दिन में चार रंगों का खाना जरूर खिलाएं। बच्चे को बाहर का खाना देने के बजाए दाल, फ ल, रोटी व सब्जी दें। बच्चों को नॉनवेज साल भर बाद ही देना चाहिए।