शानदार फॉर्म में चल रही भारतीय जूनियर हॉकी टीम रोमांचक मुकाबले में आस्ट्रेलिया की चुनौती ध्वस्त कर जूनियर हॉकी वर्ल्डकप के फाइनल में पहुंच गई। राजधानी के ध्यानचंद्र स्टेडियम में शुक्रवार को हुए सेमीफाइनल में निर्धारित समय तक दोनों टीमें 2-2 गोल की बराबरी पर रहीं और फैसला पेनाल्टी शूट आउट से हुआ। गोलकीपर विकास दहिया ने 2 पेनाल्टी शूट आउट बचाए जबकि भारत ने चार स्ट्रोक पर गोल दागे। फाइनल भारत व बेल्जियम के बीच रविवार को खेला जाएगा।
मैच में भारत की जीत के नायक रहे गोलकीपर विकास दहिया ने टाईब्रेकर में अपने उम्दा रक्षण से टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई। निर्धारित समय तक स्कोर 2-2 से बराबर रहीं। अब रविवार को होने वाले खिताबी मुकाबले में भारत का सामना बेल्जियम से होगा, जिसने दूसरे सेमीफाइनल में शूटआउट तक चले मुकाबले में गत विजेता जर्मनी 4-3 से पराजित किया।
मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में खेले गए दूसरे सेमीफाइनल की शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच तेज हॉकी देखने को मिली। शुरुआती लड़खड़ाहट के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम को खेल के 14वें मिनट में पहला पेनाल्टी कॉर्नर मिला। यहां गेंद भारतीय डिफेंडर की स्टिक से टकराकर वापस आई, जहां टॉम क्रेग ने भारत की रक्षापंक्ति को भेदते हुए बेहतरीन गोल करने में कामयाबी हासिल की।
खेल के 23वें मिनट में ऑस्ट्रेलिया को दूसरा और तीसरा पेनाल्टी कॉर्नर मिला लेकिन, यहां भारत की सजग रक्षापंक्ति ने हमला विफल कर दिया। इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने हमलों की झड़ी लगा दी। (मुकाबले में जीत के बाद खुशी से झूमते खिलाड़ी।)
खेल के 25वें मिनट में मंदीप को ऑस्ट्रेलिया की डी पर गलत ढंग से रोकने पर भारत को पहला पेनाल्टी कॉर्नर मिला। इसी मूव पर टीम को लगातार दूसरा पेनाल्टी कॉर्नर मिला, जहां हरमनप्रीत की ड्रैग फ्लिक ऑस्ट्रेलियाई गोलची थामस के दाएं हाथ से टकराकर बाहर चली गई। (जीत की खुशी मनाते टीम इंडिया के खिलाड़ी।)