सीतापुर के कचहरी हॉल्ट के समीप सोमवार देर रात एक पैसेंजर ट्रेन के इंजन के पहिये पटरी से उतर गए। मंगलवार सुबह ट्रैक बहाल किया गया तो कुछ देर बाद ही एक मालगाड़ी इंजन का पहिया डिरेल हो गया। हालांकि इससे कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। 10 घंटे के भीतर दो ट्रेनों के डिरेल होने से ट्रैक बाधित रहा। इसके कारण अफसरों में कुछ देर के लिए हड़कंप मच गई। इससे तीन गाड़ियों का रूट डायवर्ट किया गया।
उधर, सूचना पर पहुंचे डीआरएम आलोक कुमार सिंह व एडीआरएम मुकेश कुमार समेत कई अफसरों ने मौके पर निरीक्षण किया। रौजा से रिलीफ ट्रेन बुलाकर अफसर-कर्मचारी बाधित ट्रैक बहाली में जुटे रहे। वहीं घटना की जांच के लिए एक कमेटी गठित कर दी गई है। चार घंटे तक रोजा-सीतापुर रेल मार्ग बंद रहने से मुसाफिरों को काफी परेशानी हुई। बुढ़वल-बालामऊ पैंसेजर ट्रेन सोमवार रात करीब 9:30 बजे सीतापुर कैंट स्टेशन पर आकर रुकी। कुछ देर के स्टॉपेज के बाद ट्रेन सीतापुर सिटी रेलवे स्टेशन जा रही थी।
गाड़ी सीतापुर कचहरी हॉल्ट के समीप पहुंची ही थी कि इंजन के पहिये पटरी से उतर गए। पैसेंजर के डिरेल होने की सूचना पर खलबली मच गई। आननफानन कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। रोजा से रिलीफ ट्रेन आने के बाद रात करीब 3:30 बजे बाधित ट्रैक बहाल हो सका। ट्रैक बहाली के बाद रेलवे प्रशासन ने मंगलवार सुबह 7:20 पर मालगाड़ी को ट्रैक से गुजारा जा रहा था। यह गाड़ी गोंडा से रौजा को जा रही थी। मालगाड़ी जैसे ही सीतापुर कचहरी हॉल्ट के पास पहुंची।
सोमवार रात में हुए दुर्घटना स्थल पर ही मालगाड़ी के इंजन पहिये पटरी से उतर गए। इससे समूचा ट्रैक बाधित हो गया। हादसे की सूचना से हड़कंप मच गया। आननफानन यहां से गुजरने वाली ट्रेनों का संचालन रोका गया। साथ ही रोजा से रिलीफ ट्रेन मंगवाई गई। सूचना पाकर पूर्वोत्तर रेलवे, लखनऊ के रेल प्रबंधक आलोक कुमार सिंह व एडीआरएम मुकेश कुमार समेत अधीनस्थ अफसर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। साथ ही अफसर-कर्मचारी बाधित ट्रैक की बहाली में जुट गए। घंटों की मशक्कत के बाद ट्रैक को दुरुस्त किया जा सका।